टूंडला में फोरमैन की हुई हत्या के मामले में 45 साल बाद भी ठोस साक्ष्य नहीं मिला। इस पर एडीजे-19 ने फिरोजाबाद टूंडला निवासी आरोपी फोरमैन श्याम पाल को बरी कर दिया। इस मुकदमे में सिर्फ दो चश्मदीद की गवाही हुई थी, अदालत में वह भी अपने पूर्व बयान से मुकर गए।
थाना टूंडला जीआरपी में दर्ज केस के अनुसार सुघर सिंह ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि 6 जनवरी 1980 की शाम 4 बजे वह रेलवे गुमटी के पास स्थित दुकान से बीड़ी माचिस खरीद रहे थे। भरत सिंह के आ जाने पर उससे बात करने लगे। टूंडला में फोरमैन उनका पुत्र राम भरोसी उर्फ बडेला उस दौरान लोको की तरफ से घर लौट रहा था। अचानक लोको टूंडला में फोरमैन आरोपी आरपी सिंह, श्याम पाल और फतेह सिंह बंदूक लेकर राम भरोसी की तरफ जाते दिखे।
रेलवे के पूर्वी गेट के पास आरोपी श्याम पाल के कहने पर आरपी सिंह ने राम भरोसी को सीने में गोली मारकर हत्या कर दी। सभी आरोपी शोभाराम के अहाते की तरफ भाग गए। घटना को उनके अलावा गंगा प्रसाद, साधु सिंह व अन्य लोगों ने देखा था। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर आरोपपत्र दाखिल किया था।
मुकदमे के विचारण के दौरान आरोपी आरपी सिंह और फतेह सिंह की मौत हो गई। अदालत ने उनके विरुद्ध कार्यवाही समाप्त कर दी गई। कई आदेशों के बाद भी अभियोजन पक्ष चश्मदीद गंगा प्रसाद और साधु सिंह की ही गवाही दर्ज करा सका। वह भी अदालत में पूर्व बयान से मुकर गए।