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हिंदी हैं हम: कोरोना काल में भी कम नहीं हुई विदेशियों में हिंदी सीखने की ललक, 20 देशों से आए आवदेन

Wed, 12 Aug 2020 12:04 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान में हैं 100 सीटें
  • आवदेन करने की 14 अगस्त आखिरी तारीख
  • 13 आवेदन थाइलैंड से मिले, 12 आवेदन तजाकिस्तान से 
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केंद्रीय हिंदी संस्थान में विदेशी छात्राएं (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच भी विदेशी छात्र-छात्राओं में हिंदी सीखने की ललक बनी हुई है। आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान में इस वर्ष 100 सीटों के सापेक्ष 85 आवेदन 20 देशों से मिल चुके हैं। 14 अगस्त आवेदन करने की अंतिम तारीख है। इस तारीख को बढ़ाने की तैयारी चल रही है। 
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गत शैक्षणिक सत्र में सर्वाधिक 28 देशों के 87 छात्र-छात्राओं के प्रवेश संस्थान में हुए थे। गत सत्र में श्रीलंका के सर्वाधिक 26 विद्यार्थियों का प्रवेश हुआ था। इस बार थाइलैंड के सर्वाधिक छात्र-छात्राओं ने हिंदी पढ़ने में रुचि दिखाई है। यहां से 13 आवेदन मिले हैं। 

इन देशों से आए आवदेन 
तजाकिस्तान से 12 विद्यार्थियों के आवेदन मिले हैं। आवेदन के मामले में श्रीलंका तीसरे स्थान पर है, यहां के 10 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है। विवाद के बीच भी चीन के छात्र-छात्राओं ने केंद्रीय हिंदी संस्थान में आकर हिंदी सीखने की इच्छा जताई है। चीन के 06 छात्र-छात्राओं के आवेदन संस्थान को मिले हैं। 
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उज्बेकिस्तान से 05, पनामा, मंगोलिया से 04-04, गुयाना से 03, बुल्गारिया, रोमानिया, जापान, इजिप्ट से 02-02, आयरलैंड, हंगरी, मोरक्को, कजाकिस्तान, दक्षिण कोरिया, फिजी से 01-01 आवेदन मिले हैं। चार आवेदन केवल नाम से प्राप्त हुए हैं। 

वैश्विक स्तर पर बढ़ रही हिंदी मांग 

केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक प्रो. नंद किशोर पांडेय का कहना है कि वैश्विक स्तर पर हिंदी की मांग उत्तरोत्तर बढ़ रही है। इससे विदेशी छात्र-छात्राएं हिंदी को सीखने के लिए लालायित हो रहे रहे हैं। 

इनका कहना है कि बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था, बहुराष्ट्रीय कंपनियों में बढ़ रही नौकरियां,  दुनियाभर में बढ़ रहा पर्यटन, विदेशी स्कूलों में हिंदी शिक्षकों की जरूर की वजह से हिंदी के प्रति विदेशी छात्रों का रुझान बढ़ रहा है। श्रीलंका में भी बड़ी संख्या में स्कूलों में हिंदी पढ़ाई जा रही है। इन्हें हिंदी के शिक्षकों की जरूरत होती है।
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