वृंदावन में इस्कॉन के संस्थापक स्वामी श्रील भक्ति वेदांत प्रभुपाद का तिरोभाव महोत्सव शनिवार से शुरू हो गया। महोत्सव के अंतर्गत देसी-विदेशी भक्तों ने सुबह संकीर्तन यात्रा निकाली। इसमें शामिल सैकड़ों भक्त भगवान की भक्ति में लीन नजर आए।
हरिनाम संकीर्तन के बीच प्रभुपाद की प्रतिमा को फूलों से सुसज्जित डोले में विराजित कराया गया। देसी-विदेशी भक्तों के 'हरे राम हरे कृष्ण...कृष्ण कृष्ण हरे हरे...' के संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो गया।
प्रभुपाद के अनुयायी डोले को लेकर संकीर्तन यात्रा के साथ वृंदावन की सड़कों पर भ्रमण को निकले। भक्तों ने राधादामोदर, श्याम सुंदर, राधारमण, राधा गोपीनाथ, गोविंदेव, मदन मोहन और गोकुलानंद के साथ साथ सेवाकुंज, बांकेबिहारी सहित अन्य मंदिरों के दर्शन किए।
इन देशों के भक्त हुए शामिल
संकीर्तन यात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर डोले का स्वागत किया गया। वृंदावन इस्कॉन के अध्यक्ष पंचगौड़ा, देवकीनंदन महाराज, गणपतदास, विश्वेश्वरदास, रविलोचन, सच्चिगौरदास आदि उपस्थित थे।
संकीर्तन यात्रा में अमेरिका, कनाडा, स्वीडन, जापान, जर्मन, हॉलैंड, फ्रांस, रूस, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कीनिया, मोरेसस, ब्रिटेन के भक्त शामिल हुए। सभी भगवान कृष्ण की भजनों पर झूमने नजर आए।
तिरोभाव महोत्सव में हिस्सा लेने आए विभिन्न देशों के अनुयायियों ने झांझ, मंजीरा, पखावज के मध्य रसिक संतों द्वारा रचित पदों का गायन किया। इसके बाद भक्तों ने वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा भी दी।