बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के साथ भाजपा ने कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन किया। पुलिस से नोकझोंक भी हुई। प्रदेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। डीएम के न मिलने पर गुस्साए भाजपाई धूप में तपती जमीन पर ही धरने पर बैठ गए। एडीएम सिटी और एसपी सिटी मौके पर पहुंचे तो किसानों ने खराब फसल के बंडल फैला दिए। भाजपाइयों की मांग थी कि जिले को आपदा ग्रस्त घोषित किया जाए।
मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक राना के नेतृत्व में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के किसान सुभाष पार्क पर जुटने लगे। अशोक राना ने कहा कि आपदा से प्रभावित किसानों के साथ प्रदेश सरकार भेदभाव कर रही है। उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। अन्य नेताओं ने भी किसानों को संबोधित किया। अपराह्न लगभग साढ़े बारह बजे कलेक्ट्रेट घेरने के लिए पार्टी का झंडा लिए सैकड़ों प्रदर्शनकारी एमजी रोड पर निकल पड़े। कलेक्ट्रेट में प्रवेश के बाद जैसे ही भाजपाइयों ने डीएम कैंपस की ओर रुख किया तो पुलिसकर्मियों ने गेट बंद कर दिया। भाजपाई पुलिस को धकेलते हुए प्रवेश करने में सफल रहे। जिलाधिकारी के न मिलेन पर पारा हाई हो गया। वह वहीं धरने पर बैठ गए। एडीएम सिटी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने 11 सूत्रीय ज्ञापन लेने के बाद प्रशासन की तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जिले को आपदा ग्रस्त घोषित किया जाए। मृत किसानों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये सहायता राशि दी जाए तथा आपदा से प्रभावित किसानों की सूची सार्वजनिक की जाए। पूर्व सांसद एसपी सिंह बघेल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसान विरोधी रवैया नहीं बदला तो सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
ये रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान पूर्व सांसद प्रभुदयाल कठेरिया, रामप्रताप सिंह चौहान, बेबीरानी मौर्या, रामकुमार शर्मा, श्याम भदौरिया, प्रशांत पौनिया, बलवीर कहरवार, अरुण पाराशर, ओमप्रकाश, प्रमोद गुप्ता, डा. रामेश्वर चौधरी, डा. हितेंद्र इंदौलिया, मधुसूदन शर्मा, जितेंद्र फौजदार, डा. रामबाबू हरित, वीरेंद्र अग्रवाल, सोनू चौधरी, राहुल चौधरी, केके भारद्वाज, राणा प्रताप सिकरवार आदि मौजूद थे।
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आपसी मतभेद का दिखा असर
कलेक्ट्रेट घेराव भाजपा की जिला इकाई ने किया। मगर, इस दौरान जिले की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय कई प्रमुख भाजपा नेता नदारद दिखे। सूत्रों की मानें तो आपसी राजनीति के चलते ऐसा हुआ। इसका असर प्रदर्शन पर साफ दिखाई दिया। प्रदर्शन में जितनी संख्या की उम्मीद थी, वह अपेक्षाकृत कम रही।