कासगंज। क्या बाजार में बिक रही सब्जी वास्तव में हरी व ताजी है या फिर इसको इस तरह का दिखाने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा। इस दिशा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने पहली बार शुक्रवार को एसडीएम थोक सब्जी मंडी पहुंच कर सब्जियों के नमूने लिए। टीम के पहुंचते ही आढ़तियों में खलबली मच गई। टीम ने चार सब्जियों के नमून संग्रहीत किए। इन नमूनों को जांच के लिए भेजा जाएगा।
अधिक धन कमाने के लालच में लोग दूसरों की सेहत का भी ख्याल नहीं रखते। जिले में दूध, मिठाई, घी, पनीर सहित अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामले समाने आते रहते हैं। हरी सब्जियों में भी उत्पादकता बढ़ाने, मिलावट करने आदि का खेल चल रहा है। इस खेल का खुलासा करने के लिए एसडीएम सदर ललित कुमार के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम थोक सब्जी मंडी पहुंच गई। टीम के आते ही विक्रेताओं में खलबली मच गई। टीम ने सब्जी मंडी से बैंगन, करेला, हरी मिर्च मोटी, अदरक के नमूने संग्रहीत किए। ताकि यह पता लगाया जा सके कि की इन सब्जियों पर रंग का प्रयोग करके या फिर पालिश आदि के माध्यम से ताजा दिखाने की कोशिश तो नहीं की जा रही। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि सब्जियों पर प्रयोग होने वाले कीटनाशक की स्थिति कैसी है। कहीं यह कीटनाशक लोगों की सेहत के लिए अधिक हानिकारक तो साबित नहीं हो रहे। इस दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय प्रकाश, सुभाष चंद्र सोनकर रहे।
सब्जी उत्पादन में होता है दूषित पानी का प्रयोग
कासगंज। सब्जी उत्पादन को बढ़ाने के लिए दूषित पानी का प्रयोग किया जाता है। जिले में बह रही काली नदी का पानी कापी दूषित हो चुका है। जिन ग्रामीण क्षेत्रों के आसपास से यह नदी बह रही है वहां के किसान इस नदी का पानी सब्जी की खेती में करते हैं। इसके साथ नालों के पानी का प्रयोग भी सब्जी की खेेती में किया जाता है।
सब्जियों में रंग, पॉलिश, कीटनाशक की स्थिति को जानने के लिए सैंपल भरने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस तरह की यह कार्रवाई पहली बार हुई है। नादिर अली अभिहित अधिकारी
सब्जी की गुणवत्ता परखने निकली टीम, खलबली खबर का जोड़
सब्जियों में इनका होता है प्रयोग
पेस्टीसाइड- कीटों से बचाव के लिए
तेलीय पदार्थ- चमक लाने के लिए
पेट्रोलियम जेली- ताजगी दर्शाने के लिए
आक्सीटोशिन इंजेक्शन- ग्रोथ बढ़ाने के लिए
तूतिया का प्रयोग- सब्जियों मे हरापन लाने को
सब्जियों में प्रयोग होने वाले जहरीले तत्व स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी खतरनाक होते हैं। सब्जियां कई दिनों तक ताजा दिखाई देती हैं। लौकी, तरबूज मेें ऑक्सीटोशिन का इंजेक्शन लगाया जाता है जो इनकी ग्रोथ बढ़ा देता है। खतरनाक रसायन प्रयोग की गई सब्जियों का सेवन प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है। पेट की बीमारी सहित अन्य बीमारियां हो सकती हैं। एएच वारसी, कृृषि वैैज्ञानिक
बाजार सेे लाकर सब्जियों व फलों का सेवन सीधेे नहीं करना चाहिए। इनको अच्छी तरह से धोने केे बाद ही प्रयोग में लाना चाहिए, जिससे इन पर किए जाने वाले कीटनाशक और अन्य विषैैले तत्वों का प्रभाव दूर हो सकेे। बिना धोए इनका सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। डा. विकास भारती
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