खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने त्योहारों पर सबसे ज्यादा मिलावटी सामान पकड़े हैं। दूध, घी नकली मिले हैं। पनीर, खोया और नमकीन खाने लायक नहीं मिले। लैब की जांच में 60 फीसदी नमूने फेल मिले हैं। इनमें से 125 तो सेहत के लिए खतरनाक बताए गए।
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सहायक आयुक्त खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि 2024-2025 में 889 की रिपोर्ट मिली। जिसमें 530 फेल पाए गए। इसमें 370 नमूने घटिया और मिलावटी, 125 नमूने नकली और सेहत के लिए असुरक्षित बताए गए। 15 मिसब्रांड और 20 में नियमों की अनदेखी पाई गई।
इनमें सबसे ज्यादा दूध, खोया, पनीर, मिठाई के नमूने ज्यादा फेल मिले। दूध-घी तो नकली भी मिला। बिना दूध के बनने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता भी खराब पाई गई। नमकीन में घटिया और घुनी हुई मूंगफली के दाने पाए गए। इन सभी पर कोर्ट में केस दर्ज करने के साथ जुर्माना वसूला गया है।
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यहां करें शिकायत
मिलावटी सामान की शिकायत टोल फ्री नंबर पर 18001805533 की जा सकती है।
ऐसे करें मिलावट की जांच
दूध: एक घूंट पीएं और कुल्ला कर दें। शुरू में मीठा और फिर कसैला लगने पर नकली होगा। दूध को रगड़ने पर यदि साबुन जैसा झाग हो तो वह सिंथेटिक होगा। यह गर्म करने के बाद हल्का पीला भी पड़ जाता है।
लाल मिर्च-धनिया : पानी में घोलें और इसे हाथों पर लें। इसमें रंग मिला होगा तो अंगुलियों में लग जाएगा।
हल्दी : पानी में घोल दें, कुछ देर बाद हल्दी तले पर जम जाने के बाद भी रंग गहरा पीला रहेगा, हाथ पर भी लग जाएगा।
पनीर : मिलावटी-सिंथेटिक होने पर ये कठोर होगा, हाथाें पर रगड़ने पर चिकनाई ज्यादा छोड़ेगा। आयोडीन टिंचर डालने पर रंग बदलता है।
घी : हाथाें पर रगड़ें, एसेंस मिला होने पर कुछ देर बार खुशबू खत्म हो जाएगी। गर्म करने पर खुशबू भी खत्म हो जाती है।
खोया : आयोडीन टिंचर मिलाने पर रंग बदल जाएगा।
(जैसा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी रविंद्र सिंह परमार ने बताया)
मिलावटी नमूनों की रिपोर्ट:
खाद्य सामग्री रिपोर्ट फेल असुरक्षित
दूध 214 163 06
खोया 51 42 10
पनीर 58 50 25
घी 32 13 08
मिठाई 15 12 01
सरसों का तेल 35 21 08
मसाले 71 63 19
बिना दूध वाली मिठाई 106 56 07
नमकीन 25 15 03
मधुमेह, पेट रोग का सबसे ज्यादा खतरा
आईएमए अध्यक्ष अनूप दीक्षित ने बताया कि मिलावटी और नकली सामग्री खाने-पीने से किडनी-लिवर के खराब होने और पेट में अल्सर का सबसे ज्यादा खतरा है। लंबे समय तक इसके उपयोग से बच्चों के शारीरिक विकास भी प्रभावित होता है। मधुमेह, हृदय रोग की भी परेशानी बन रही है। लोगों में बढ़ती बीमारी की बड़ी वजह मिलावटी और नकली खाद्य सामग्री है।
मिलावटी बर्फी कराई नष्ट, 75 किलो सरसों का तेल जब्त
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शुक्रवार को एक मिठाई की दुकान पर पांच किलो बर्फी नष्ट कराई। वहीं एक प्रतिष्ठान पर 75 किलो सरसों का तेल जब्त किया। जांच के लिए विभिन्न सामग्री के 16 नमूने भी लैब भेजे गए हैं। सहायक आयुक्त खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि आवास विकास कॉलोनी स्थित आरव तेल मिल पर छापा मारा गया। ड्रम में भरे तेल में मिलावट की आशंका लगी। इस पर 75 किलो सरसों का तेल जब्त कर लिया गया। इसकी कीमत 13,500 रुपये है।
इसी तरह शमसाबाद में बांकेबिहारी स्वीट्स पर बर्फी में हल्की दुर्गंध आ रही थी। इसमें मिलावट प्रतीत होते देख 5 किलो बर्फी नष्ट कराई गई। इसकी कीमत 1250 रुपये है। दोनों के नमूने भी लिए गए। इसके अलावा टैंकरों से दूध, खोया का भी नमूना लिया है। विभिन्न प्रतिष्ठानों से पेड़ा, गुलाब जामुन, रिफाइंड, वनस्पति तेल के 16 नमूने भी लिए गए हैं।