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मिलावट का जहरः होली से पहले खूब बिकी नकली मिठाई-पनीर और खोआ, नमूनों की रिपोर्ट ने खोली सच्चाई

Fri, 17 Jul 2020 11:16 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • फरवरी में लिए गए दूध, पनीर, खोआ के 25 नमूने फेल
  • 10 नमूने मिले सेहत के लिए खतरनाक
  • डिटरजेंट-ग्लूकोज और रिफाइंड से मिलाकर बनाया दूध
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खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच (फाइल फोटो)
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विस्तार
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जांच में दूध, पनीर, खोआ समेत 25 नमूने फेल मिले हैं। जांच में दूध नकली मिला है। इसे डिटरजेंट-ग्लूकोज और रिफाइंड से मिलाकर बनाया गया। खोआ में रिफाइंड-स्टार्च की मिलावट मिली है।
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फरवरी में लिए गए नमूनों की रिपोर्ट में दूध के सबसे ज्यादा 12 नमूने फेल हुए, इनमें छह में नकली दूध मिला है। बाकी में पानी की मिलावट पाई गई। खोआ के पांच में तीन में स्टार्च मिला इसमें रिफाइंड भी मिलाया गया था, दो नमूनों में वसा की मात्रा कम मिली। पनीर में चिकनाई कम पाई गई। घेवर और पानी मिस ब्रांड मिला।

आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करा दिया है
डिटरजेंट, ग्लूकोज मिलाकर नकली दूध बनाया। खोआ में स्टार्च-रिफाइंड की मिलावट की गई। जांच में 25 में से 10 नमूने सेहत के लिए खतरनाक साबित हुए हैं। इनके खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज करा दिया है। - मनोज वर्मा, जिला अभिहित अधिकारी
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ऐसे करें पहचान
दूध: एक घूंट दूध मुंह में भरें और कुल्ला कर दें। नकली होने पर शुरू में दूध मीठा, बाद में कसैला लगेगा। फर्श पर दूध की कुछ बूंदें डालें, पानी होने पर बूंद का आकार बढ़ने लगेगा।

खोआ: खोआ को चखें तो इसमें रिफाइंड होने पर उसकी गंध आएगी, कुछ कसैला प्रतीत होगा।

पनीर: शुद्ध पनीर मुलायम और हल्की मिठास वाला होगा। मिलावटी होने पर पनीर कड़ा होगा, चिकनाई भी कम होगी। (जैसा अवधेश पाराशर, खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया)

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बच्चों के मस्तिष्क-शारीरिक विकास पर पड़ेगा प्रभाव: डॉ. निखिल चतुर्वेदी

वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. निखिल चतुर्वेदी ने बताया कि दूध बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बेहद अहम है। नकली दूध पीने से बच्चे के शरीर में पोषक तत्व नहीं पहुंचेंगे। हड्डी कमजोर होंगी, मस्तिष्क का विकास भी पूरी तरह से नहीं होगा।

नकली दूध से किडनी-लिवर को सीधे नुकसान पहुंचेगा: डॉ. आशीष गौतम
एसएन मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि डिटरजेंट से नकली दूध बना रहे हैं इससे किडनी, लिवर को सीधे नुकसान पहुंचेगा। डिटरजेंट नलिकाओं में पहुंचेगा, जिससे वह सिकुड़ने लगेंगी और संक्रमण होगा। इससे सांस संबंधी बीमारी और कैंसर का खतरा है।

इनके यहां से लिए गए नमूने सेहत के लिए असुरक्षित मिले
देहली दूध भंडार, किरावली: दूध
मुन्नालाल, सेवला: दूध
सूरज, तुलसी नगर: पनीर
जितेंद्र कुमार, मधु नगर: खोआ
प्रमोद कुमार, ताजगंज: दूध
कटारा डेयरी, खेरागढ़: दूध
रामनिवास निबोहरा, फतेहाबाद: खोआ
निजाम खां, जगनेर रोड शाहगंज: दूध
हरीश कुमार, कागारोल: दूध
पवन कुमार, बोदला: खोआ
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 ये नमूने अधोमानक मिले
प्रेम सिंह, धनौली: दूध
बटेश्वरनाथ पुरा कलेरा, बाह: पनीर
कमल सिंह खांडा, बरहन: दूध
शैलेंद्र बरार, मलपुरा: दूध
मुकेश कुमार, अहीरपुरा इरादत नगर: दूध
विष्णु, लहरा शमासबाद: दूध 
भूरी सिंह, निवोहरा: खोआ
शैलेद्र शर्मा, शेखपुर राजाखेड़ा: खोआ
बालकिशन, आवास विकास कॉलोनी: दूध, दही
अजीम खां, हसनपुर खंदौली: पनीर

ये नमूने मिस ब्रांड पाए गए
जगदंबा स्वीट्स, मुस्तफा क्वार्टर: घेवर
जयभगवान गौतम, आवास विकास कॉलोनी: पानी का पाउच
जितेंद्र, ताजगंज: हाथी ब्रांड सेवइयां
रामसेवक, कैलाश विहार: घेवर
 
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