ऐसे करें पहचान
दूध: एक घूंट दूध मुंह में भरें और कुल्ला कर दें। नकली होने पर शुरू में दूध मीठा, बाद में कसैला लगेगा। फर्श पर दूध की कुछ बूंदें डालें, पानी होने पर बूंद का आकार बढ़ने लगेगा।
खोआ: खोआ को चखें तो इसमें रिफाइंड होने पर उसकी गंध आएगी, कुछ कसैला प्रतीत होगा।
पनीर: शुद्ध पनीर मुलायम और हल्की मिठास वाला होगा। मिलावटी होने पर पनीर कड़ा होगा, चिकनाई भी कम होगी।
(जैसा अवधेश पाराशर, खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया)
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बच्चों के मस्तिष्क-शारीरिक विकास पर पड़ेगा प्रभाव: डॉ. निखिल चतुर्वेदी
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. निखिल चतुर्वेदी ने बताया कि दूध बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बेहद अहम है। नकली दूध पीने से बच्चे के शरीर में पोषक तत्व नहीं पहुंचेंगे। हड्डी कमजोर होंगी, मस्तिष्क का विकास भी पूरी तरह से नहीं होगा।