बटेश्वर तीर्थ में नागा साधुओं के पहले शाही स्नान के साथ ही लोक मेला शुरू हो गया। इस दौरान जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर बाबा बालक दास ने बटेश्वर को पांचवें महाकुंभ का दर्जा दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखने की बात दोहराई। शाही स्नान से पहले साधु-संतों ने गाजे बाजे के साथ सात कोस की परिक्रमा की।
वहीं परिक्रमा मार्ग पर पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। यमुना नदी में पीएसी के साथ गोताखोर मोटर वोट के साथ सक्रिय रहे।
रविवार सुबह आठ बजे बाबा बालक दास के नेतृत्व में नागा साधुओं की टोली शिव मंदिर शृंखला के घाट से परिक्रमा के लिए निकली। परिक्रमा मार्ग पर साधुओं ने तलवारबाजी का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी उनके साथ रहे। परिक्रमा के बाद मुख्य मंदिर के घाट पर नागा साधुओं ने शाही स्नान किया। यमुना में डुबकी लगाने के बाद ब्रह्मलाल जी मंदिर में पूजा की। इसके बाद बाबा बालक दास ने बताया कि बटेश्वर को हर हाल में पांचवें महाकुंभ का दर्जा दिलाकर रहेंगे। इस मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष भी उठाया जाएगा। उन्होंने चार दिन चौदस, पूर्णिमा, पड़वा और दौज पर मांस, अंडे और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।