हर उम्मीदवार अपने काम का हिसाब दे। अगर विधायक है, तो बताए कि अभी तक के कार्यकाल में क्या काम किया। अगर पहली बार मैदान में उतरा है, तो बताए कि समाज के लिए क्या काम किए हैं? जवाबदेही तय होनी चाहिए। चुनाव के वक्त वादे करने वाले नेता बाद में सब भूल जाते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। जो नेता वादे पूरे नहीं करेंगे, उनके घर जाकर आधी रात को थाली बजाएंगे लोग ताकि उन्हें वादे याद आ जाएं। इसके लिए समाजसेवी संस्थाएं प्रेशर ग्रुप बनाएंगी। इस बार के चुनाव में उम्मीदवारों से उनकी योजना के संकल्प पत्र भी भरवाए जाएंगे।
अमर उजाला कार्यालय में चुनाव पर हुए मंथन में गंभीरता से विचार किया गया कि उम्मीदवार को कसौटी पर कैसे परखा जाए। साथ ही इस पर भी चर्चा हुई कि चुनाव के बाद वादे पूरे न करने वाले विधायकों को जवाबदेह कैसे बनाया जाए। सभी ने अपने अपने सुझाव रखे। सबने एक सुर में कहा कि मतदान सौ फीसदी होना चाहिए। नारा दिया, पहले मतदान, फिर जलपान। दूसरा, वोट जाति और धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि शहर के विकास के लिए दिए जाने चाहिए। तीसरा, विधायक से सबसे पहले संकल्प पत्र लिया जाएगा कि वह समय समय वह एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल का दौरा कर मरीजों की समस्या का समाधान कराएगा।
मंथन के मोती
- इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनना चाहिए
- इंटरनेशनल स्टेडियम बनाया जाए
- यमुना पर बैराज का निर्माण किया जाए
- सार्वजनिक स्थानों पर हों स्वच्छ शौचालय
- हाईकोर्ट बेंच की स्थापना होनी चाहिए
मेरा वोट पाने को ऐसा करें जनप्रतिनिधि:
- ताजमहल के शहर में गंदगी होना शर्मनाक बन गई है। रोजाना कचरा उठना चाहिए। उसका वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण हो। शौचालय, डस्टबिन की व्यवस्था हो। - आनंद राय, इंडिया राइजिंग
- गर्मी में पानी की मारामारी। चिह्नित क्षेत्राें में पक्की प्याऊ, पानी की टंकी बनवाई जाएं। नेताओं को बुनियादी समस्याएं हल करने पर जोर दें। - बांकेलाल माहेश्वरी, श्रीनाथ नि:शुल्क जल सेवा
- सड़क, गड्ढे, बिजली जैसी समस्याएं अब कोढ़ बन चुकी हैं। हर नेता के वादों में भी ये शामिल। रिपोर्ट कार्ड बनाकर ही वोट दिया जाए। - सुनील जैन, लीड आगरा
- चुनाव में जो वादे किए। उनमें से हमारे शहर-मोहल्ले में कितने कार्य हुए। इसका आकलन कर ही वोट दिया जाए। - नीतेश अग्रवाल, संवेदना एक पहल संस्था
- जिले के विकास में एयरपोर्ट, हाईकोर्ट, स्टेडियम-बैराज बेहद जरूरी हैं। ये तभी संभव जब सभी नेता दलगत राजनीति भूलकर सामूहिक प्रयास करें। - मुकेश जौहरी, विजन आगरा
- विधानसभा में समस्याओं के लिए लड़ने वाले नेता को वोट दिया जाए। ये भी देखा जाए कितनी समस्याएं उठाईं, कितनी बहस में शामिल हुईं। - संदेश जैन, आगरा विकास मंच
- विश्वविद्यालय का गिरता शैक्षणिक स्तर, सरकारी अस्पतालों में बदहाल सेवाओं के प्रति जनप्रतिनिधि आवाज उठाएं। इनकी समस्या समाधान को संघर्ष करने वाले को वोट मिले। - सुरेंद्र जैन, हेल्प आगरा
- जाति-धर्म न देख प्रत्याशी को देखकर वोट दिया जाए। आपराधिक छवि के प्रत्याशी को रिजेक्ट करें, तो निश्चित ही सही लोग राजनीति में आएंगे। - सैयद इरफान सलीम, उप्र सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी
- एतिहासिक स्मारक, यमुना होने पर भी बदतर हाल। वादों का पांच साल क्या किया। नए प्रत्याशियों के विजन और सामाजिक कार्यों में सक्रियता देखें। - समी आगाई, भारतीय मुस्लिम विकास परिषद
- सत्ता में नहीं हैं, प्रयास बहुत किए, ऐसा कहने वाले नेताओं को मौका नहीं दिया जाए। नए प्रत्याशी से अपने क्षेत्र में विकास कार्य पर बात हो। - रघुवीर सिंह, जीवन रक्षक सोसाइटी
- पार्टी, सिंबल को न देखकर सही प्रत्याशी को वोट करें। कई बार प्रत्याशी को नजरअंदाज कर दिया जाता है। ये भी देखा जाए कि प्रत्याशी अपराधी, दबंग किस्म का तो नहीं। - बृजेश पंडित, संकल्प जल सेवा
- पॉश कालोनियों तक की सड़क टूटी हैं। पानी बड़ी समस्या है। स्टेडियम, बैराज पर लंबे समय से जनप्रतिनिधि वादे कर रहे हैं। रिपोर्ट कार्ड देखकर ही प्रत्याशी तय हो। - शिशिर भगत, वेकअप आगरा