मौसम का मिजाज नए साल में तेवर दिखाने लगा है। शनिवार सुबह की शुरूआत घने कोहरे के साथ हुई। सुबह जब लोग घरों से निकले, तो दृश्यता शून्य रही। सड़कों पर दूर का तो छोड़िए, बिलकुल नजदीक से भी कुछ दिखाई नहीं दे पा रहा है। वहीं दिल्ली-आगरा हाईवे पर कोहरे की वजह से वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही। वाहन रेंग-रेंगकर चलते नजर आए।
शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन शीतलहर का प्रकोप रहा। पूरे दिन सर्द हवा चलीं। दिनभर कोहरा छाया रहा। दोपहर में धूप निकलने से लोगों ने राहत महसूस की। हालांकि सूर्यास्त के बाद गलन बढ़ गई।
बृहस्पतिवार रात से छाया कोहरा शुक्रवार को दोपहर 12 बजे के बाद छंटा। इस दौरान हाईवे पर वाहन धीमी गति से रेंगते रहे। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 18.7 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से 4.2 डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान भी लगातार दूसरे दिन 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा। दोपहर 12 बजे के बाद धूप निकलने से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि शाम ढले फिर से सर्दी के तेवर सख्त हो गए। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में मौसम के मिजाज यथावत रहेगा।
आज का तापमान
अधिकतम तापमान- 18.7
न्यूनतम तापमान- 7.6
सूर्योदय- 6:57
सूर्यास्त- 5:48
एक्यूआई- 146
पारा कम होने से हर दूसरे बच्चे को हो रहा निमोनिया
पारा कम होने से कोल्ड अटैक का खतरा है। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों को है। एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी और बाल रोग विशेषज्ञों की ओपीडी में हर दूसरे बच्चे को निमोनिया है। इनमें से हालत गंभीर मिलने पर 10-12 दिन तक भर्ती करना पड़ रहा है। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक के सचिव डॉ. योगेश दीक्षित ने बताया कि पारा कम होने से निमोनिया के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। शिशुओं की नलिकाएं बेहद संकरी होती हैं, सर्दी में ये और सिकुड़ जाती हैं। इससे इनकी पसली चलने लगती है। शहर में 150 से अधिक बाल रोग विशेषज्ञ हैं और इनकी ओपीडी में लगभग 50 फीसदी निमोनिया के ही हैं। शरीर भी नीला पड़ रहा है। इनमें 3-5 फीसदी की हालत गंभीर मिल रही है। इनको ठीक होने में दो सप्ताह का समय लग रहा है। कोल्ड अटैक से बच्चों में हाइपोथर्मिया का खतरा भी बढ़ गया है, इसके भी 20 फीसदी मरीज हैं।