गाय के कान पर लगा पशुपालन विभाग का टैग
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उत्तर प्रदेश सरकार खुले में घूमने वाले गोवंश के संवर्धन और संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, लेकिन पशु पालन विभाग सरकार की मंशा पर पानी फेरने में लगा हुआ है।
घुमंतू गायों की टैगिंग करने के बाद उन्हें गोशाला के रिकार्ड में दर्शाया जाता है, लेकिन कुछ दिनों बाद ही शहर में फिर से छोड़ दिया जा रहा है। गोशाला से छोड़ी गईं कई गायें शहर में देखी जा रही हैं।
आगरा में गोवंश के लिए नए आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं। जिले की सबसे बड़ी गोशाला खेरागढ़ में बनाई जा रही है। इसके अलावा पशु पालन विभाग द्वारा संचालित आधा दर्जन से अधिक गोशालाएं हैं।
सिकंदरा के गांव बाईंपुर में नंदीशाला में सांड़ों को रखा जा रहा है, जबकि कान्हा गोशाला में 200 से अधिक गायें हैं। यहां तीसरी गोशाला बनाने का काम तेज गति से चल रहा है।