कासगंज ग्लेडियोलस फूल की खेती का फाइल फोटो
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कासगंज। खूबसूरत, खुशबूदार और रंगबिरंगे फूल हर किसी की पसंद होते हैं। खुशी हो या गम, हर जगह यह फूल साथ देते हैं। फूलों से जिले की धरा को आकर्षक बनाने के साथ साथ किसानों की किस्मत चमकाने की योजना उद्यान विभाग ने बनाई है। इसके लिए उद्यान विभाग ने किसानों को जागरूक किया है। इस बार ग्लेडियोलस फूल की खेती पर विशेष ध्यान किया जा रहा है।
ग्लेडियोलस फूल आकर्षक फूल होता है। इसकी बुवाई सितंबर माह के अंतिम सप्ताह से शुरू हो जाती है।
फूल की खेती चार से पांच माह में तैयार होती है। इस खेती से किसानों को अच्छा मुनाफा होता है। अब तक जिले में किसान फूलों की खेती को पसंद नहीं करते थे लेकिन अब जागरूकता के बाद फूल की खेती के लिए किसानों ने कोशिश की है। जिलेभर में अलग अलग क्षेत्रों में किसानों ने फूल की खेती के लिए बुवाई कर दी है। उद्यान विभाग ने किसानों को इस खेती से बेहतर पैदावार के गुर बताए हैं। वहीं फूलों की खेती के लिए किसानों को अनुदान देकर उन्हें और जागरूक किया है।
इस तरह होती है ग्लेडियोलस की खेती
ग्लेडियोलस की खेती के लिए बीज की बुवाई होती है। यह बीज वैसे तो हॉलैंड से आता है, लेकिन अब धीमे-धीमे स्थानीय स्तर पर भी इस बीज की आपूर्ति कुछ लोग देने लगे हैं। एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में डेढ़ लाख बीज बोए जाते हैं। उद्यान विभाग के मुताबिक इस खेती पर चार से पांच लाख रुपये की लागत आती है। आय लागत के अलावा दो से तीन लाख रुपये तक हो जाती है।
गेंदा और गुलाब की भी हो रही पैदावार
गेंदा और गुलाब की खेती रवी, खरीफ और जायद तीनों सीजन में बोई जा सकती है। यह फसल तीन महीने में तैयार होने लगती है। जिले में किसान गेंदा के प्रति जागरूक हैं। हालांकि जिले के किसान गुलाब की खेती कम क्षेत्रफल में ही करते हैं।