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50 से ज्यादा गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए सालभर से अटका पड़ा बांध का प्रस्ताव

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कासगंज के पटियाली में क्षेत्र खेतों में भरा गंगा की बाढ़ का पानी। फाइल फोटो - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। जिले में गंगा नदी की बाढ़ से प्रतिवर्ष तटवर्ती इलाके के लोगों को बड़ी क्षति का सामना करना पड़ता है। पटियाली इलाके के 50 से अधिक गांव ऐसे हैं जिन पर बाढ़ और कटान से तबाही का खतरा मंडराता रहता है। शासन ने सिंचाई विभाग द्वारा भेजे गए दो बांधों के प्रस्ताव, जिनकी प्रस्तावित लागत 45 करोड़ रुपये है, उन्हें अभी तक स्वीकृति नहीं दी है। इससे दो बांधों का निर्माण और मरम्मत का कार्य रुका है।
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कटान और बाढ़ के चलते पटियाली तहसील क्षेत्र का इलाका संवेदनशील है। वैसे तो जिले की कासगंज, सहावर तहसील में भी बाढ़ और कटान का प्रकोप होता है, लेकिन पटियाली सबसे ज्यादा संवेदनशील है। कादरगंज इलाके के नगला शंभू, मेहोला, समसपुर, नरदौली पर एक बांध बनना है। वहीं, इस इलाके के नगला खंदारी, समसपुर में बांध बनना है। इन दोनों बांधों के लिए 45 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन में लंबित है। पिछले वर्ष इन प्रस्तावों के लिए कोई धन अवमुक्त नहीं किया गया। इस बार भी अभी तक धन अवमुक्त नहीं हुआ है। जबकि जून से गंगा में जलस्तर बढ़ने लग जाता है और बाढ़ का सीजन भी शुरू हो जाता है। बाढ़ के निर्माण और मरम्मत कार्य के लिए मात्र 2 माह का समय बचा है। यदि समय से धन अवमुक्त नहीं हुआ तो यह समस्या इस बार भी बढ़ी चुनौती बनेगी।
प्रशासन कर चुका है बाढ़ से बचाव की तैयारियों की समीक्षा
कासगंज। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने बाढ़ और कटान की समस्या को देखते हुए सिंचाई विभाग को अलर्ट किया है। सिंचाई विभाग के अलावा राजस्व विभाग को भी बाढ़ संबंधी तैयारियां रखने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि जिले के सभी बांधों की मरम्मत करा ली जाए। जिले में कासगंज तहसील क्षेत्र में अल्लीपुर, उढ़ेर, दतलाना जैसे बांध हैं। वहीं, सहावर तहसील में सहवाजपुर, मुजफ्फरनगर, मेहोल व अन्य छोटे-छोटे बांध है। इन बांधों की मरम्मत कराने के लिए भी निर्देश दिए हैं।
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पटियाली क्षेत्र के ये गांव होते हैं प्रभावित
पटियाली क्षेत्र के नगला शंभू, मेहोला, समसपुर, नरदौली अजीतनगर, बमनपुरा, रफातपुर, सिंकदरपुर ढाव, सुन्नगढ़ी, चकरा, किलौनी, किसौल, नागर खिदरपुर, उलाईखेड़ा, सहवाजपुर, मुजफ्फरनगर, नगला हंशी, नगला जाटवान, पनसोती, म्यूनी, कादरगंज, बमनपुरा, हिम्मतनगर बझेरा, नगला मुंता, टिकुरीनगला, गठौरा, जिझौल, नगला खुर्द, नगला खिमाई, नगला मनी, नगला खंदारी सहित 50 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं।
जिलाधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी के निर्देश पर सिंचाई विभाग की टीम बांधों का निरीक्षण करके रिपोर्ट तैयार कर रही है। शीघ्र ही बांधों की मरम्मत का कार्य होगा। जो नए बांध बनाए जाने हैं उनके लिए अभी तक कोई धन अवमुक्त नहीं हुआ है। प्रस्ताव शासन में लंबित है। इस बार धन अवमुक्त होने की संभावना है। - अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई।
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