कासगंज। गुरुवार की शाम को हुई बारिश ने जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी तो बारिश से जगह-जगह हुए जलभराव ने दिक्कतें भी बढ़ा दीं। नगर के प्रसिद्ध भूतेश्वर मंदिर में पानी आने से शिव लिंग तक डूब गया। इससे श्रद्धालुओं ंको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मंदिर में पानी भर जाने के कारण श्रद्घालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक रहा, जबकि बारिश के बाद यह तापमान गिर कर 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
सुबह से ही बादल छाए हुए थे। उसम भरी गर्मी से बैचेन लोग बारिश होने की प्रार्थना करते नजर आए। इंद्रदेव ने भी भी उनका प्रार्थना सुनी और शाम को झमाझम बारिश हुई। लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश राहत के साथ आफत बनकर बरसी नगर के कई इलाके जलमग्न हो गए। लवकुश नगर, भूतेश्वर कालोनी व भूतेश्वर मंदिर, गंगेश्वर कालोनी, चंदन नगर, गांधी मूर्ति, हाथी दरवाजा, गली जाटवान, तहसील रोड, गप्पू चौराहा, बौहरान गली सहित नगर की अन्य बस्तियों में जलभराव हो गया। लोगों को गलियों से निकलना दूभर हो गया। कुछ लोगों के घरों में भी पानी घुस गया। बाल्टी आदि से बमुश्किल पानी को लोगों ने घरों से निकाला। काफी देर तक नगर के जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी नहीं हुई। जहां गर्मी से राहत होने पर खुश थे वहीं जलभराव होने के कारण परेशान भी दिखे।
बारिश से किसानों के चेहरे पर आई खुशी
कासगंज। बारिश होने से नगरीय क्षेत्रों में जलभराव से परेशानी हुई, लेकिन किसान बारिश होने से काफी खुश हैं। कई दिनों से धूप के चलते किसानों को सिंचाई की आवश्यकता हा ेरही थी। बारिश के बाद खरीफ फसलों की सिंचाई हो गई। किसान हरिओम का कहना है कि उसकी धान की फसल है। बारिश होने से फसल को सिंचाई की आवश्यकता नहीं रही है। अन्य फसलों में भी बारिश से लाभ होगा।
बारिश के बाद हुई विद्युत आपूर्ति ठप, बढ़ी परेशानी
कासगंज। गुरुवार की शाम जैसे ही बारिश शुरु हुई, वैसे ही विद्युत की आपूर्ति बाधित हो गई। शाम चार बजे के बाद गुल हुई बिजली की आपूर्ति देर रात्रि तक सुचारू नहीं हो सकी। बिजली की आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी हुई। कई घंटे बिजली की आपूर्ति बंद रहने से उनके वैकल्पिक उपकरण इंवर्टर आदि भी अधिक समय तक नहीं चल सके। जिससे लोगों को खासी परेशानी हुई।