महिलाएं बोलीं, बिल्डर को बुलाओ
पुष्पांजलि हाइट्स में फायर सिस्टम की हकीकत सामने आने पर लोगों में आक्रोश है। कर्मचारी जले हुए सामान को हटाने लगे तो महिलाओं ने हंगामा किया। कहा कि बिल्डर को बुलाया जाए। उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसके बाद ही सामान को हटाया जाएगा। बिल्डर ने पहले फायर सिस्टम अच्छा बताया था। उनके साथ धोखा हुआ है।
फ्लैट संख्या 803 के बाथरूम में फटा गीजर
राजीव सक्सेना के फ्लैट के बगल में ही मोनिका ओबेराय का फ्लैट है। उन्होंने बताया कि वह सो रही थीं। बेटा कुनाल दूसरे कमरे में था। अचानक बाथरूम में धमाके से कुनाल जाग गया। वह बाथरूम में गया तो लपटें उठ रही थीं। गीजर जल रहा था। उन्हें जगाया। इसके बाद बाहर भागा।
एक घंटे तक अफरातफरी
आग लगने पर एक घंटे तक अफरातफरी रही। भूतल पर जो भी आया, वो अपने लोगों को कॉल करके अग्निकांड के बारे में बताने लगा। गनीमत रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ। फ्लैट संख्या 902 में एडी आहूजा रहते हैं। उन्होंने बताया कि किसी ने गेट खटखटाया। वह बाहर आ गए। वह परिवार के लोगों को बाहर निकालने लगे। मां बसंती देवी 93 साल की हैं। वह व्हीलचेयर पर रहती हैं। जब लोग भूतल पर जा रहे थे तो सीढि़यों का प्रयोग कर रहे थे। परिजन ने उनको गोद में उठाया, तब नीचे ला सके।
नहीं जागे अफसर
शाहगंज स्थित खेरिया मोड़ स्थित आर मधुराज अस्पताल में सात महीने पहले आग लगी थी। इस घटना में डॉक्टर पिता, बेटे और बेटी की मौत हो गई थी। इस घटना ने हॉस्पिटलों में अग्निशमन इंतजामों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। अभियान चला, नोटिस दिए गए। मगर, कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूरी हुई।