आगरा के थाना अछनेरा क्षेत्र के गांव फतेहपुरा में सोमवार को खेलने के दौरान पांच वर्षीय मन्नू गांव के बाहर बने 10 फीट गहरे गड्ढे में गिर गया। हादसे में उसकी जान चली गई। गड्ढा जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण खेत में पानी भरने से रोकने के लिए खोदा गया था। पिता ने गांव के ही एक व्यक्ति के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। पुलिस जांच में जुटी है।
गांव फतेहपुरा निवासी देशराज का बेटा मन्नू सोमवार की सुबह घर के पास ही बच्चों के साथ खेल रहा था। खेलते-खेलते वह गांव के बाहर रास्ते के किनारे खेत में बने करीब 10 फीट गहरे गड्ढे में गिर गया। बच्चे के गिरते ही अफरा-तफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे और मासूम को बाहर निकाला। गंभीर हालत में परिजन बच्चे को सीएचसी अछनेरा लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने नाजुक हालत देखते हुए उसे एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा रेफर कर दिया।
मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिवार के लोग रोने लगे। मां-बाप की रो-रोकर हालत खराब है। बच्चे के पिता देशराज ने इस घटना के संबंध में गांव के ही एक व्यक्ति के खिलाफ थाना अछनेरा में तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामले में थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर जांच के लिए गई थी। गड्ढा पीड़ित परिवार के घर से करीब 400 मीटर दूर रास्ते के किनारे खेत में है। ग्रामीणों ने बताया कि जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। पानी रास्ते और खेत में भर जाता था। जलभराव रोकने के लिए गड्ढा खोद दिया गया था। जिसमें पानी जमा हो जाए।
हादसे के बाद भी नहीं लिया सबक
कुछ समय पूर्व ही गांव खेड़ा बाकंदा में खेलते समय एक मासूम बच्चा रेहांश की कुएं में गिरने से मौत हो गई थी। लगभग 34 घंटे के बाद उसे बाहर निकाला जा सका था। उस हादसे से सबक लेने के बावजूद इसके स्थानीय प्रशासन ने किसी भी गांव के खुले पड़े गड्ढों और कुओं को बंद नहीं कराया। जिसके कारण सोमवार को एक और मासूम की जान चली गई।
हजारों जिंदगियों के बीच आज भी खुले हैं कई कुएं
अछनेरा के गांव रायभा की माहौर बस्ती के पास सैकड़ो वर्ष पुराना कुंआ खुला पड़ा है। विगत दिनों बस्ती के एक किसान की बकरी कुएं में गिर गई थी। लगभग दो घंटे बाद ग्रामीणों ने बकरी को बाहर निकाला था।