जिस बेटी के जन्मदिन के मौके पर दावत का कार्यक्रम दिनभर चला, रात को जगराता होना था, उसके मां-बाप तथा बाबा को क्या पता था कि केक काटने से पहले लाडो उन्हें बिलखता छोड़कर सदा के लिए उनसे अलग हो जायेगी। चौमुंहा ब्लॉक के गांव आझई खुर्द निवासी राजेश सिंह की पुत्री पूर्वी (5 वर्ष) का मंगलवार को जन्मदिन था। उसने दिन में दावत तथा रात को देवी जागरण का कार्यक्रम बनाया था। दिनभर दावत चली, जिसमें गांव वालों के अलावा नाते रिश्तेदारों को आमंत्रित किया गया। रात को जागरण तथा केक काटने की तैयारी चल रही थी। तब पूर्वी ने नए कपड़े पहने।
राजेश ने रुंधे गले से बताया कि बेटी ने उससे पूछा था कि पापा मैं कैसी लग रही हूं। उसने कहा कि अच्छी लग रही है। इतना सुन वह घर में चली गई। वहां दूध में मिलाने वाले केमिकल को पानी समझ कर पी लिया। इसके बाद वह छत पर चली गई। नीचे केक काटने की तैयारी चल रही थी। उसे ढूंढते हुए छत पर पहुंचे तो बिटिया के मुंह से झाग निकल रहा था। तुरंत केडी मेडिकल कॉलेज ले गए, वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। थोड़ी देर में खुशियां मातम में बदल गईं। पूर्वी का एक हाथ जन्म से ही छोटा था।
बाबा हरबिलास ने बताया कि कुछ दिन पहले दिव्यांगता का प्रमाणपत्र बनावा कर लाया था। डॉक्टरों ने कहा था कि बाबा बेटी को अच्छा पढ़ाना। वह सीएसआरवी विद्या आश्रम चौमुंहा में एलकेजी की मेधावी छात्रा थी। उसके शोक में आज स्कूल में शोक सभा के बाद छुट्टी कर दी गई। वहीं थाना प्रभारी जैंत अश्वनी कुमार ने बताया मामला उनके संज्ञान में नहीं है।