पटियाली । गंजडुंडवारा रोड स्थित एक ईंट भट्ठे पर बुधवार शाम बच्चों के साथ खेलते समय पांच साल की मासूम बालिका पानी से भरे गड्ढे में डूब गई। हादसे में उसकी मौके पर मौत हो गई। पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजन ने भट्ठा संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। पटियाली के गांव नगला किशोरी निवासी मूलचंद्र पुत्र ताराचंद्र परिवार के साथ गंजडुंडवारा रोड स्थित ईंट भट्ठे पर कार्य करते हैं। उनका परिवार भी वहीं पर झोपड़ी में रहता है। बुधवार शाम उनकी बेटी रानी (5) खेलने के लिए घर से निकली थी। वह भट्ठे पर बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान पानी से भरे गड्ढे में डूब गई। देर शाम तक बालिका के घर न लौटने पर परिजन परेशान हो गए। इसके बाद उसकी तलाश शुरु की। माता पिता व अन्य लोगों ने साथ में खेल रहे बच्चों से उसके बारे में पूछताछ की। ईंट भट्ठे परिसर में बने पानी से भरे एक गड्ढे में रानी का शव उतराता मिला। घटना की सूचना पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। परिजन ने भट्ठा संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पिता मूलचंद ने बताया कि चार बच्चों में तीन बेटी व एक बेटा है। तीन बेटियों में रानी तीसरे नंबर की थी। पटियाली सीओ संदीप वर्मा ने बताया कि बालिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उसकी मौत के मामले में जांच की जा रही है।
मासूम की मौत के बाद महिलाओं ने किया प्रदर्शन
कासगंज। मासूम की मौत के बाद भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों में आक्रोश है। महिलाओं ने संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। मासूम की मां सरस्वती ने बताया कि भट्ठा संचालक शादाब और ठेकेदार के मछली पालने के शौक की वजह से बेटी की जान चली गई। संचालक ने नल के पास एक गहरा गड्ढा खुदवा दिया और उसमें मछली छोड़ दीं। मजदूरों ने कई बार गड्ढे को बंद करने के लिए कहा था, लेकिन संचालक ने किसी की नहीं सुनी। एसडीएम प्रदीप कुमार विमल ने बताया कि ईंट भट्ठा मानकों के हिसाब चल रहा है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। पीएम रिपोर्ट आने के बाद दैवीय आपदा के तहत परिजन की आर्थिक मदद की जाएगी।