पाई-पाई जोड़कर जो आशियाना बनाया था, उसके उजड़ने की खबर से मां गौरी टाउन के लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। अपनी फरियाद लेकर कमिश्नर के दरवाजे पर भी पहुंचे। एसीएम चतुर्थ ने इन लोगों का ज्ञापन लिया और शासन स्तर पर इस मसले को ले जाने का आश्वासन दिया।
बता दें, यमुना के डूब क्षेत्र में निर्माणों पर एडीए का बुलडोजर चल रहा है। इसकी जद में खासपुर (दयालबाग) स्थित मां गौरी टाउन के 143 घर भी आ गए हैं। इन्हीं को बचाने के लिए कालोनी के लोग सोमवार को अपनी फरियाद लेकर मंडलायुक्त के पास पहुंचे।
मगर, मंडलायुक्त से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। उनकी जगह पर एसीएम चतुर्थ एमपी सिंह ने लोगों का ज्ञापन लिया। लोगों का कहना था कि उनकी कालोनी यमुना से लगभग साढ़े तीन सौ मीटर दूर है। जबकि दर्जनों कालोनियां और मल्टीस्टोरी यमुना किनारे बसी हैं, इसके बावजूद एडीए उनको छोड़कर मां गौरी टाउन के निर्माणों को ढहाने की तैयारी में जुटा है। ज्ञापन सौंपने के दौरान कालोनी की काफी महिलाएं भी मौजूद थी। एसीएम ने लोगों की पीड़ा सुनने के बाद उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
ज्ञापन सौंपने वालों में सतीश चंद्र मादौरिया, राहुल त्रिपाठी, कपूर चंद रावत, सुनील यादव, ब्रजेश बघेल, सुरेश चंद निषाद, रामगोपाल, विजय अग्रवाल आदि मौजूद थे।