आगरा हार्ट एसोसिशन के सचिव डॉ. राजकुमार गुप्ता ने बताया कि प्रदूषण, बाजार के तले भोजन, फास्ट फूड और खराब फिटनेस से युवा हृदय रोगी बन रहे हैं। कुल मरीजों में 18 फीसदी 20 से 30 साल के युवा हैं। शुरुआत में घबराहट, सामान्य स्थिति में पसीना आना, बेचैनी, छाती में दर्द, थकावट और हाथ-पैर ठंडे रहने की शिकायत होती है। कई बार इन लक्षणों को नजरअंदाज करना हृदयाघात की वजह बन जाता है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बसंत गुप्ता ने बताया कि ट्रांस फैट हृदय के लिए बेहद खतरनाक है। खासतौर से होटल-रेस्तरां, हलवाई के यहां तेल को कई बार उपयोग करते हैं, इससे खाने-पीने की सामग्री को लंबे समय तक खाने से हृदय की नसों में वसा जमने लगता है। नस संकुचित होने से हृदयाघात होता है। यदि शराब और धूम्रपान की लत है तो खतरा पांच गुना तक बढ़ जाता है।