बिचपुरी। कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी में मंगलवार से पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हो गई। पहले दिन 100 से अधिक किसानों ने भाग लिया। किसानों को आधुनिक कृषि, पशुपालन एवं उद्यानिकी से जुड़ी नवीन तकनीकों की जानकारी दी गई।
पशुपालन विशेषज्ञ डॉ. धर्वेंद्र सिंह चौहान ने देशी गायों की उन्नत नस्लों, उनके संरक्षण एवं नस्ल सुधार की वैज्ञानिक तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी। उद्यान विशेषज्ञ अनुपम दुबे ने मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों, इसकी व्यावसायिक संभावनाओं तथा कम लागत में अतिरिक्त आय अर्जित करने के उपाय बताए। वहीं, शस्य विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. अंकुर त्रिपाठी ने एकीकृत फसल प्रणाली की उपयोगिता बताते हुए कहा कि वैज्ञानिक खेती, फसल विविधीकरण और संसाधनों के समुचित उपयोग से उत्पादन बढ़ाने के साथ खेती की लागत कम की जा सकती है। इससे कृषि अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनती है।