फिरोजाबाद जनपद में एक लाख 92 हजार रुपये के नकली नोट के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने के मामले का गुरुवार को खुलासा किया है। पुलिस ने पत्रकार वार्ता में बताया कि सुहागनगरी में नकली नोट छापने के कारोबार को अंजाम देने की योजना जिला कारागार में बनाई गई थी। जेल से छूटकर आए आरोपियों ने नोट छापने की फैक्टरी शिकोहाबाद थाना क्षेत्र की आवास विकास कॉलोनी में पार्क के सामने लगाई थी।
नकली नोट के कारोबार का खुलासा करते हुए एसएसपी अजय कुमार पांडेय ने बताया कि मुख्य आरोपी तजेंद्र उर्फ काका निवासी ब्लॉक नंबर नौ मोतीनगर, नई दिल्ली का निवासी है। वह इस कारोबार को अपने साथियों के साथ अंजाम देते था। वह मूल रुप से पंजाब का निवासी है। वर्ष 2017 में दक्षिण पुलिस ने तजेंद्र को नकली नोट के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहां उसकी मुलाकात हत्या के अरोप में बंद संतोष उर्फ सलीम निवासी आवगंगा ओमनगर शिकोहाबाद से हुई।
यहां दोनों ने नकली नोट छापने की योजना बनाई थी। तजेंद्र लॉकडाउन से पूर्व जेल से रिहा हो गया था। उसके बाद उसने संतोष से मुलाकात कर नकली नोट छापने की मशीन लगाई। तजेंद्र नोट छापता था। संतोष उसे चलाने का काम करता था। दीपक उर्फ गुड्डू निवासी हीरानगर शिकोहाबाद व जितेंद्र निवासी मैनपुरी चौराहा ओम नगर नोटों की सप्लाई करते थे। जितेंद्र, दिलीप और दीपक की मुलाकात तजेंद्र से संतोष ने कराई थी। शिकोहाबाद पुलिस ने आरोपियों को विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। पूरे मामले का खुलासा करने वाले कोतवाल सुनील कुमार तोमर व उपनिरीक्षक नितिन कुमार त्यागी को 20 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।