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मथुरा बैंक लूट का खुलासा: महिला सहित छह बदमाश गिरफ्तार, 17 लाख रुपये बरामद

Thu, 14 May 2020 06:36 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा

सार

  • 12 मई को ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त की दामोदरपुरा शाखा में हुई थी लूट
  • मास्टर माइंड को तलाश रही पुलिस, लूट के 19.61 लाख रुपये बरामद
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बैंक डकैती कांड का खुलासा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में दो दिन पूर्व हुई लूट की वारदात का गुरुवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। थाना सदर पुलिस ने एक महिला समेत छह बदमाशों को गिरफ्तार कर लूट के 19.61 लाख रुपये बरामद किए हैं।
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तीन बदमाश और एक महिला को पुलिस ने सुबह पकड़ लिया था, जबकि एक बदमाश को दोपहर में गोकुल बैराज के निकट मुठभेड़ में पकड़ा है। बदमाश के बाएं पैर में गोली लगी है। वारदात का मास्टर माइंड सम्राट गुर्जर अभी फरार है। इस खुलासे पर एसएसपी ने पुलिस टीम को पचास हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। 

ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त की दामोदरपुरा शाखा में 12 मई को नकाबपोश बदमाशों ने तमंचों के बल पर 21.17 लाख रुपये लूट लिए थे। थाना सदर में लूट के खुलासे की जानकारी देते हुए एसपी सिटी अशोक मीणा ने बताया कि बदमाशों की तलाश में जुटी पुलिस ने गुरुवार की सुबह मुखबिर की सूचना पर गोकुल बैराज के निकट से वारदात में शामिल रहे राहुल तिवारी उर्फ रवि तिवारी निवासी सतोहा असगरपुर, गौतम गुर्जर निवासी नगला बोहरा, अमन गुर्जर निवासी नगला बोहरा थाना हाईवे, अवनीत चौधरी निवासी ऋषि नगर निकट बजरंग चौराहा महोली रोड थाना कोतवाली को पकड़ लिया।
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ये आरोपी पकड़े गए

बदमाशों के पास से लूट की रकम के 17.10 लाख रुपये बरामद किए हैं। वारदात में शामिल राजो पत्नी रामवीर निवासी अमर कॉलोनी थाना हाईवे को मछली फाटक फ्लाईओवर कोतवाली से गिरफ्तार किया गया। 

ये भी पढ़ें- मथुराः ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में दिनदहाड़े 21 लाख की लूट से मचा हड़कंप

दोपहर में गोकुल बैराज के निकट पुलिस की बदमाश परविंदर निवासी लाजपत नगर से मुठभेड़ हो गई। बदमाश बिना नंबर की स्प्लेंडर बाइक पर था। पुलिस की गोली पैर में लगने से परविंदर वहीं गिर गया। बदमाश को पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।

परविंदर से पुलिस ने लूट के 2,51,500 रुपये बरामद किए हैं। मास्टर माइंड सम्राट गुर्जर फरार है। मास्टर माइंड सम्राट गुर्जर हाईवे थाने का हिस्ट्रीशीटर है। पकड़े गए बदमाशों के पास से लूट में प्रयुक्त हीरो होंडा स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, चार तमंचा एक कारतूस, दो बैग भी बरामद किया है। एसएसपी ने पुलिस टीम को पचास हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। 
 

मास्टरमाइंड ने लूट करने भेजा था नया गिरोह  
बैंक लूट की वारदात के लिए मास्टरमाइंड सम्राट गुर्जर ने ऐसी साजिश रची थी कि पुलिस वारदात को खोल भी ले तो उस तक नहीं पहुंच पाए। लूट की पटकथा रचने वाले नगला बोहरा निवासी सम्राट गुर्जर खुद वारदात करने बैंक नहीं आया था। पुलिस को अनुमान है कि वह आसपास कहीं खड़ा होकर वारदात की रैकी कर रहा था। 

पुलिस के अनुसार एक दर्जन से अधिक वारदातों में कई थानों में अपने नाम एफआईआर दर्ज करा चुके मास्टर माइंड ने खुद को बचाने के लिए मास्टर स्ट्रोक खेला था।

उसने अपने दो भतीजों तथा दो अन्य नए साथियों को लेकर बैंक लूट की पटकथा तैयार की थी। सारी योजना उसकी खुद की थी और वारदात करने वाले दूसरे लोग थे। पुलिस का अनुमान है कि वह वारदात की टोह लेने के लिए बैंक के आसपास मौजूद था। सफलतापूर्वक जब वारदात हो गई तो वह अपना हिस्सा लेकर फरार हो गया। पुलिस की गिरफ्त में आए बदमाशों ने पुलिस को बताया है कि मास्टर माइंड ने लूटी गई रकम ली थी। 

ग्रामीण से पुलिस को मिली वारदात की चाबी
वारदात में बैंक के सीसीटीवी फुटेज न मिलने के बाद पुलिस हताश हो गई थी लगा कि वारदात को खोजना मुश्किल होगा लेकिन बदमाशों को लूट के बाद भागते हुए देख रहे एक ग्रामीण ने पुलिस को लूट की वारदात की चाबी पकड़ा दी। इस चाबी के बाद पुलिस चंद घंटों में ही बदमाशों तक पहुंच गई। 

दरअसल ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में कुछ सीसीटीवी चालू थे तो कुछ खराब थे और जो चालू भी तो उनमें ठीक प्रकार से रिकार्डिंग नहीं हो रही थी। अब पुलिस के पास सिवाय हाथ पैर मारने के कोई तरीका नहीं था लेकिन जब पुलिस ने बैंक के बाहर मौजूद ग्रामीणों से पूछताछ की तो मौके पर मौजूद एक ग्रामीण ने पुलिस के हाथ में लूट की चाबी थमा दी।

उसने बदमाशों द्वारा लूट में प्रयुक्त की गई मोटरसाइकिल का नंबर अपने दिमाग में फीड कर लिया था। यह नंबर उसने पुलिस को बता दिया। यहां तक कि ग्रामीण की तेज नजरों से मोटरसाइकिल में एक नंबर को घिसकर खत्म करने की कारीगरी भी छिप नहीं सकी। जैसे ही पुलिस के हाथ मोटरसाइकिल का नंबर आया पुलिस ने उसे एप पर डालकर देखा तो मोटरसाइकिल मालिक का नाम आ गया।

बदमाश ने जिस मोटरसाइकिल का प्रयोग किया था वह उसके खुद के ही नाम थी। जब पुलिस ने उक्त युवक को तलाश की तो वह घर पर नहीं था, जिससे पुलिस का शक और संदेह हो गया और उसने उसकी तथा उसके साथियों की तलाश शुरू की तो वह भांप गई कि वारदात इसी गैंग ने की है।
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बैट मनी बनेगी बदमाशों के खिलाफ सबूत 
बैंक की चेस्ट में कुछ पैसा इस प्रकार का रखा जाता है जिसका प्रयोग बैंक कभी नहीं करती है। यह पैसा सिर्फ इसी प्रकार की वारदात में बदमाशों के फंसाने के लिए रखा जाता है।

बैट मनी के नोटों के नंबर बैंक के रिकॉर्ड में दर्ज होता है। इस प्रकार की बैट मनी ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में भी थी। जिसे बदमाश लूट कर ले गए थे। पुलिस ने जब लूट की रकम बरामद की थी उसमें बैट मनी भी मिली है। इन नोटों के नंबर बैंक के रिकॉर्ड में मौजूद होंगे। बैंक रिकॉर्ड के यह नंबर कोर्ट में बदमाशों के खिलाफ सबूत बनेंगे। 

दोनों महिला बैंककर्मियों के बैग मिले
बदमाश बैंक लूटने के लिए अपने साथ कोई बैग लेकर नहीं आए थे। उन्होंने इसके लिए दोनों महिला बैंककर्मियों के बैगों का ही प्रयोग किया। पुलिस का दावा है कि उसने यह बैग भी बरामद किए हैं। इन बैगों से महिला बैंककर्मियों के डेली यूज का सामान भी मिला है। जो कि उनके बैग में अन्य जेबों में रखा था जिसे बदमाश अपने साथ ले गए थे।
 
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