रेलवे भर्ती की आनलाइन परीक्षा में धांधली कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश हो जाने के बाद एसटीएफ को दस ऐसे कालेजों के नाम मिले हैं, जो इस तरह की भर्ती परीक्षा में ठेके लेकर नकल कराते रहे हैं। यह खुलासा इस जालसाजी के मास्टरमाइंड राहुल गोस्वामी से पूछताछ में हुआ है। एसटीएफ ने सभी कालेजों के नाम आगरा पुलिस को दे दिए हैं। अब पुलिस की जिम्मेदारी इनके खिलाफ सुबूत जुटाने की है। एसटीएफ ने खुद भी जालसाजों के मोबाइल की फोन बुक से मिले 200 नंबर की काल डिटेल निकलवाई है। इनसे भी बड़ा खुलासा होने की संभावना है। एसटीएफ ने 30 अप्रैल को देव एजूकेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कालेज के प्राचार्य राजेश कुमार सिंह समेत छह लोग पकड़े थे।
जालसाजों का यह गिरोह रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा में नकल करा रहा था। जालसाजी का मास्टरमाइंड हाथरस का राहुल गोस्वामी बताया गया। एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि वह राहुल एसएससी, यूपी पुलिस और नेवी की भर्ती में भी धांधली करा चुका है। उसके तार पेपर आउट कराने वाले सबसे बड़े गिरोह के सरगना अरविंद राणा से भी जुड़े हैं। उसने पूछताछ में बताया कि रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा में आगरा में बनाए गए सभी केंद्रों में धांधली कराई गई। एसटीएफ के हत्थे चढ़े 135 अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्रों की छाया प्रति के बारे में उसने बताया कि इनसे भी पैसा लिया गया था। बता दें, आरआरबी में आगरा में पांच ही कालेजों को केंद्र बनाया गया था।
ये हैं देव टेक्निकल सेंटर, कुबेरपुर, देव एजूकेशन, पीजी कालेज, सिकंदरा, केबी कालेज, कुबेरपुर, कुनाल प्रोफेशनल एकेडमी, ग्वालियर रोड और आरकेजी कालेज । ये सभी जांच के घेरे में आ गए है। राहुल गोस्वामी ने पांच और कालेजों के नाम बताए हैं। इनमें एसएससी समेत कई परीक्षा हुई हैं। इनके नाम भी एसटीएफ ने आगरा पुलिस को दे दिए हैं। इनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। राहुल ने यह भी बताया है कि आरआरबी की परीक्षा में 10 कालेज केसंचालकों को प्रति अभ्यर्थी 1.30 लाख रुपये के हिसाब से 70 लाख रुपये दिए गए।
एसके त्यागी की बढ़ेगी मुश्किल
जिस कालेज के प्राचार्य को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया, उसका मालिक एसके त्यागी बताया गया है। उसके और भी कालेज हैं। आरोपियों से पूछताछ में एसके त्यागी का नाम भी आया है। इसे लिखापढ़ी में भी ले लिया गया है। उसकी मुश्किल और भी बढ़ने वाली है, क्योंकि विवि. के फर्जी मार्कशीट प्रकरण में एसआईटी की जांच तेज हो गई है। इसमें कुल 84 कालेज संचालकों के बयान दर्ज किए जाने हैं। अभी तक 72 से सवाल जवाब हुए हैं। इनमें एसके त्यागी के कालेज भी शामिल बताए गए हैं। इस फर्जीवाड़े में 25 हजार जाली मार्कशीट बेची गई थी।
इस गिरोह से पूछताछ में कई अहम जानकारी मिली हैं। इन्हें आगरा पुलिस से शेयर किया गया है। जल्द ही कई और लोग पकड़े जाएंगे - आलोक प्रियदर्शी ( एएसपी, एसटीएफ, नोएडा )