एडीए में प्रार्थना पत्र देकर सत्यप्रकाश की मदद से प्रेम के नाम पर रजिस्ट्री करा दी गई। इसके बाद आरोपियों ने उसी दिन प्लॉट एसपी शर्मा को बेच दिया। रकम को आपस में बांट लिया। एडीए में शिकायत मिलने पर पुलिस को जांच के लिए पत्र लिखा गया। इसके बाद रविवार को थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज किया गया। सोमवार को पांच आरोपियों को जेल भेजा गया।
महिला की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी पुलिस
एसपी सिटी ने बताया कि प्रेमचंद, सुनील गुप्ता, रूप बसंत, रौतान सिंह और सत्यप्रकाश को जेल भेजा गया है। रूप बसंत ने भी फर्जीवाड़े में सहयोग किया। सुनील गुप्ता प्रापर्टी डीलर है। पूर्व में एडीए में दलाली करता है। उसे प्रतिबंधित किया गया है। रूप बसंत सिंचाई विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। जमीन बिकवाने का काम करता है। रौतान सिंह ने कागजी कार्रवाई के लिए रुपये खर्च किए। महिला हाथ नहीं आई है। उसकी तलाश की जा रही है।