मैनपुरी। थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव राजपुर में 21 साल पहले सामूहिक हत्याकांड व डकैती के मामले में पांच आरोपियों को स्पेशल जज डकैती नासिर अहमद ने आरोप से बरी कर दिया है। दो आरोपियों के फरार होने से उनके मुकदमे की फाइल अलग चल रही है।
थाना एलाऊ के गांव राजपुर में 29 फरवरी 2000 की रात बदमाशों ने जगदीश मिश्रा के घर में घुसकर डकैती डाली थी। वहां उनके पुत्र दिनेश, पुत्रवधू अमिता, पौत्र संजीव, भतीजे मनोज की हत्या कर दी थी। फायरिंग से अतुल उर्फ रामू घायल हो गया था। बदमाशों ने घर में रखे जेवर, नकदी के साथ ही दिनेश की राइफल भी लूट ली थी। जगदीश ने पंचमपुर किशनी निवासी सुभाष पांडेय, सुरेंद्र पांडेय, महेश पांडेय सहित 20 अज्ञात लोगों पर एक मार्च को थाना एलाऊ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने जांच के दौरान पंचमुपर निवासी धर्मपाल, निहालपुर एलाऊ निवासी शंकर, ब्योंती कटरा एलाऊ निवासी ब्रजेश पांडेय उर्फ पप्पू, छिनकौरा बेवर निवासी दिनेश उर्फ ऊदल, घुटारा बेवर निवासी संतोष उर्फ संटू के नाम सामने आने पर सुभाष, सुरेंद्र, महेश सहित आठों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेजी थी। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज डकैती नासिर अहमद की कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाह घटना को साबित नहीं कर सके।
घटना के संबंध में गवाही नहीं आने पर स्पेशल जज डकैती नासिर अहमद ने धर्मपाल, शंकर, ब्रजेश, दिनेश उर्फ ऊदल, संतोष उर्फ संटू को सामूहिक हत्याकांड और डकैती के आरोप से बरी कर दिया है। सुरेंद्र और महेश के कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर उनको फरार घोषित करके उनकी फाइल अलग कर दी गई। इस फाइल में सुरेंद्र और महेश के खिलाफ बिना जमानती वारंट चल रहे हैं। शंकर और ऊदल के जेल में होने के कारण उनका रिहाई परवाना जेल भेजा गया है।
रंजिश के चलते हुई थी घटना
थाना एलाऊ का गांव राजपुर और थाना किशनी का गांव पंचमपुर आसपास हैं। पंचमपुर के सुभाष पांडेय और राजपुर के जगदीश मिश्रा के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही थी। दोनों पक्षों द्वारा एक दूसरे केे खिलाफ कई मुकदमे लिखाए गए थे।
तीन साथियों के साथ मारा गया था सुभाष
सामूहिक हत्याकांड और डकैती के बाद पुलिस की कई टीमें बदमाशों की तलाश में लग गई थीं। बदमाश पैदल ही बेवर की ओर भागे थे। एक मार्च सुबह सात बजे पुलिस ने सुभाष पांडेय को उसके साथियों के साथ थाना बेवर के गंाव नगला बाले के पास ईशन नदी किनारे घेर लिया था। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान सुभाष को तीन साथियों सहित मार गिराया था। उसके पास से पुलिस ने तीन हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए थे।