थाई मागुर मछली को गड्ढे में डालते मत्स्य विभाग के कर्मचारी
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। मत्स्य विभाग की टीम ने शनिवार को प्रतिबंधित थाई मागुर मछली पकड़ी। ये मछली एटा से बिक्री के लिए लाई गई थी। इसकी बिक्री और पालन पूरी तरह शासन ने प्रतिबंधित कर रखी है। ऐसे में विभागीय टीम ने इस मछली को नष्ट करा दिया।
मत्स्य विभाग को सूचना मिली कि विकास भवन के बाहर एक पिकअप खड़ी है।
इसमें मछलियां लदी हैं। एक ड्रम में प्रतिबंधित थाई मागुर मछली होने की भी बात बर्ताई। सूचना पर पहुंचे मत्स्य विकास अधिकारी प्रदीप कुमार ने जांच की तो मामला सही पाया गया। उन्होंने वाहन को कब्जे में लेकर विकास भवन खड़ा करा दिया। जानकारी करने पर पता चला कि प्रतिबंधित मछली एटा से बिक्री के लिए लाई गई थी। इसकी मात्रा लगभग एक क्विंटल के करीब थी। इसे बॉबी निवासी एटा लाया था। टीम ने मछली को नदी के किनोर गड्ढा खोदकर दबा दिया। एटा मत्स्य विभाग को भी इसकी सूचना दी गई है। जहां से ये मछली लाई गई है वहां भी इसे नष्ट कराया जाएगा।
प्रतिबंध के बाद भी मछली ले गए लोग
थाई मागुर मछली की बिक्री प्रतिबंधित है। इसे खाने से कैंसर होता है। इसके बाद भी विकास भवन के साथ-साथ नदी किनारे से भी कई लोग इसमें से मछली ले गए। मत्स्य विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में ऐसा किया गया।
वर्जन
थाई मागुर मछली एटा से लाई गई थी। इसके खाने से कैंसर होता है, इसी कारण ये प्रतिबंधित है। पकड़ी गई मछली को नष्ट करा दिया गया है। मछली ले जाने के बारे जानकारी नहीं है। प्रदीप कुमार, मत्स्य विकास अधिकारी।