अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के 27 जनवरी को प्रस्तावित आगरा दौरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने ताजमहल पर सुरक्षा का खाका खींचना शुरू कर दिया है। भारतीय और अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी के उच्च अधिकारियों ने शुक्रवार को ताजमहल के चप्पे-चप्पे का निरीक्षण किया। सूत्रों के अनुसार, आतंकी खतरे के मिले इनपुट के मद्देनजर स्मारक के अंदर एंटी एयरक्राफ्ट गन लगाने का भी विचार है। स्मारक में अत्याधुनिक हथियारों से लैस अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी के जवान भी तैनात रहेंगे। यह पहला मौका होगा, जब ताजमहल में विदेशी हथियार को लाया जाएगा। स्थानीय अधिकारी गृह मंत्रालय से अनुमति लेने में जुटे हैं। हालांकि स्मारक के अंदर सुरक्षा के यह प्रबंध अदृश्य होंगे।
बता दें कि शुक्रवार को ताजमहल के अंदर आम लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित रहता है। सिर्फ नमाजियों को ही अनुमति होती है। इसके बावजूद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर ओबामा की सुरक्षा का खाका खींचने के लिए ताजमहल खोला गया। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान स्मारक के अंदर वह स्पॉट चिह्नित किए गए हैं, जहां अत्याधुनिक हथियारों से लैस अमेरिकी जवान लगाए जाएंगे। ताज में यह सुरक्षा उपकरण 26 जनवरी की रात या 27 जनवरी की सुबह लगाए जा सकते हैं। वहीं, पुरातत्व विभाग ताजमहल को बंद रखने को लेकर भी संशय में है। अभी तक के कार्यक्रम के अनुसार, ओबामा 27 जनवरी को दोपहर बाद आएंगे। ऐसे में सुबह से ताजमहल बंद रखना मुश्किल है। जबकि अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी के अधिकारी बंद करवाना चाहते हैं। बता दें कि ताजमहल की सुरक्षा केंद्रीय ओद्यौगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) करती है।