माथे पर चंदन, हाथ में डमरू.. शिव के जयघोष के साथ रविवार रात को राजेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में शिवभक्त जोश में दिखाई दिए। डीजे और बैंड-बाजों की धुन से माहौल भक्तिमय रहा। उमस भरी गर्मी में भी रविवार को राजेश्वर मेले के उद्घाटन में शामिल होने के लिए सैकड़ों शिवभक्तों की भीड़ उमड़ी। ऊंट-घोड़ों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
श्रावण मास की शुरुआत रविवार को राजेश्वर मेले के उद्घाटन के साथ हुई। 11 लीटर दूध से राजेश्वर महादेव की दुग्धाभिषेक अपर पुलिस आयुक्त केशव चौधरी, विधायक डॉ. जीएस धर्मेश ने किया। इसके बाद फीता काट मेले का शुभारंभ किया। झांकियाें की पूजाकर शोभायात्रा शुरू की। सबसे आगे चल ऊंट, घोड़े और 11 तरह के बैंड के साथ भगवान गणेश की झांकी और इसके बाद शिव परिवार की झांकी थी। शोभायात्रा ने राजेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर राजपुर चुंगी के गोल चक्कर लगा मंदिर स्थल पर विराम लिया।
रात में झालरों की रोशनी से मंदिर की अलग ही छटा देखने को मिली। मेला कमेटी अध्यक्ष राकेश उपाध्याय ने बताया कि इस बार व्यवस्था सुधारने का प्रयास किया गया है। व्यवस्था को संभालने के लिए 300 युवाओं की टीम तैयार की है, जो भक्तों को लाइन में लगाने से लेकर पूजा कराने तक की व्यवस्था संभालेगी। उद्घाटन में ट्रस्टी विशाल शर्मा, श्रीराम तिवारी, विशाल वित्थारिया, मेला संयोजक जयंती प्रसाद उपाध्याय, आचार्य श्रीनिवास शास्त्री, गोविंद पराशर आदि उपस्थित रहे।
रात एक बजे खुले पट
पुजारी रूपेश उपाध्याय ने बताया कि रविवार रात एक बजे से ही राजेश्वर महादेव के पट खुल गए। इससे पहले रात 12 बजे से महादेव की पूजा की गई। सावन के पहले सोमवार पर दिनभर जलाभिषेक चलेंगे। शाम को 6:45 पर शृंगार के बाद आरती होगी। -
राजेश्वर सेना संभालेगी भीड़
भक्त सुमित पटेल ने कहा कि पिछले 2 साल से राजेश्वर मेला कमेटी से जुड़ा हुआ हूं। राजेश्वर सेना भी मेले काे भव्य बनाने के लिए जुट गई है।