हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास के प्रत्येक मंगलवार को ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष ज्येष्ठ मास 2 मई से प्रारंभ होकर पुरुषोत्तम मास के संयोग के कारण 59 दिनों तक रहेगा, जिससे श्रद्धालुओं को आठ बड़े मंगल में बजरंगबली की पूजा अर्चना करने का सौभाग्य प्राप्त होगा।
ज्योतिषाचार्य डॉ. पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 19 वर्षों बाद ज्येष्ठ मास में पुरुषोत्तम मास 17 मई से 15 जून तक रहेगा। वहीं ज्येष्ठ मास का दूसरा पखवाड़ा 16 जून से शुरू हो कर 29 जून तक चलेगा। जिसमें आठ बड़े मंगलवार को हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम और हनुमान जी का मिलन हुआ था, इसलिए मंगलवार को विशेष पूजा-अर्चना का महत्व है।
उन्होंने बताया कि ज्येष्ठ मास के मंगलवार को साधना, पूजा-पाठ और दान-पुण्य को अत्यंत शुभ माना जाता है। श्रद्धालु हनुमान जी को बूंदी, लड्डू, इमरती, जलेबी के साथ तुलसी पत्र अर्पित करते हैं। साथ ही चमेली का तेल, सिंदूर, जनेऊ, लाल वस्त्र और मीठा पान चढ़ाने की भी परंपरा है।इस माह में गर्मी को ध्यान में रखते हुए ठंडा पानी, शरबत, खरबूजा, तरबूज आदि का दान करना विशेष पुण्य का कार्य माना जाता है।