उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में अपने भाई से नौकरी कराने वाले शिक्षक की सेवा समाप्त कर दी गई। आरोपी शिक्षक की पत्नी ने डीएम एवं बीएसए से शिकायत की थी।
लेखाधिकारी की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच के बाद शिकायत के सही होने की पुष्टि हो गई। बीएसए ने चयनित शिक्षक की संविदा खत्म कर दी है।
मामला जसराना के प्राथमिक विद्यालय पटीकरा का है। शिक्षक पद पर सुनील कुमार का चयन हुआ था। चयन के बाद से उसका भाई संदीप स्कूल पढ़ाने जाने लगा। इसकी खबर विभाग को नहीं थी।
पत्नी ने की थी शिकायत
शासन ने शिक्षकों के फोटो सहित फ्लेक्स लगवाने के आदेश दिए थे। संदीप ने अपने भाई की फोटो से अपनी फोटो को सॉफ्टवेयर से बदल दिया। फिर भी शिक्षा विभाग नहीं पकड़ पाया।
आरोपी की पत्नी को मामले की जानकारी हुई तो वो शिकायत करने डीएम एवं बीएसए ऑफिस पहुंची। तत्कालीन बीएसए ने लेखाधिकारी विकास चौधरी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर जांच के आदेश दिए थे।
कई महीनों तक जांच अटकी रही। कमेटी ने ग्रामीणों एवं एनपीआरसी के बयान दर्ज किए। शिक्षक का पक्ष भी लिया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर बीएसए अरविंद पाठक ने शिक्षक सुनील की सेवा खत्म कर दी है।
आरोपी टीचर बर्खास्त
बीएसए अरविंद पाठक ने कहा लेखाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक दोषी पाया गया। वो अपने भाई की जगह नौकरी करने आ रहा था। उसकी सेवा समाप्त कर दी गई है।
आरोपी शिक्षक से रिकवरी हो सकती है। आरोप है कि जांच में नौकरी लगने के बाद से उसका भाई स्कूल आ रहा था। रिकवरी कितनी होगी, बर्खास्त के साथ और क्या कार्रवाई होगी। इस पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।