मामले में नया मोड़ आ गया है। हाल ही में पुलिस महानिदेशक लखनऊ ने स्वाट टीम प्रभारी को तलब कर जांच व कार्रवाई के बारे में जानकारी ली। पुलिस सूत्रों के मुताबिक तफ्तीश पर संतुष्टि भी जाहिर की, लेकिन जांच स्वॉट टीम से हटा दी गई है।
अब भावना चौहान हत्याकांड की जांच फिरोजाबाद पुलिस को सौंपी गई है, जो कि नए सिरे से सभी तथ्यों व एफआईआर में नामजद किए गए आरोपियों के संबंध में गहराई से जांच करेगी।
यह था मामला
कोतवाली क्षेत्र के शृंगार नगर निवासी बिल्लू चौहान की हत्या के बाद से भाजपा नेता मदन चौहान के परिवार के बीच रंजिश शुरू हो चुकी थी। रंजिश के चलते ही एक जनवरी 2017 को भाजपा नेता व कर्मचारी की गोलियों से भूनकर हत्या करवा दी गई थी।
हत्याकांड में बिल्लू पक्ष के लोगों को नामजद किया गया था। हत्याकांड का मुख्य आरोपी आशू गौर अभी तक फरार है। रंजिश के चलते पांच अप्रैल 2018 को बिल्लू की पत्नी भावना उर्फ दीप्ति की गवाही देने न्यायालय जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।