झगड़े के मामले में पुलिस पर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाया गया है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि पुलिस ने युवक को छत से फेंक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एटा के थाना अवागढ़ क्षेत्र के गांव मोहनपुर में शनिवार की रात जिला फिरोजाबाद के थाना एका की पुलिस कुछ युवकों के साथ पहुंची। यहां दिलीप कुमार की घर में घुसकर पिटाई की गई। युवक अपनी जान बचाकर छत पर भाग तो पुलिस भी पीछे-पीछे पहुंच गई। आरोप है युवक को पुलिसकर्मियों ने छत से फेंक दिया, जबकि इससे पहले बुरी तरह पिटाई की गई।
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घायल के भतीजे सूरज का आरोप है कि शुक्रवार को गांव सुराया के पास नहर में मछली मारने गया था, यहां पर कस्बा के ही मोहल्ला सिंघाड़ियां निवासी नन्हे आदि के साथ झगड़ा हो गया था। उन लोगों ने पिटाई की थी। जबकि इसके बाद आरोपियों ने ही पुलिस चौकी सुराया में शिकायत दे दी। शनिवार की सुबह फैसला करने के लिए भी दिलीप आरोपियों के घर गया था, लेकिन समझौता नहीं हुआ।
आरोप है कि पुलिस को पैसे देकर बुलाया गया, इनके साथ नन्हे सहित चार आरोपी भी थे। जिन्होंने हमला कर दिया। घायल को पीएचसी अवागढ़ से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। रविवार की सुबह से ही पीड़ित पक्ष का आरोप लगाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
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प्रभारी निरीक्षक जयेंद्र प्रसाद मौर्य ने बताया कि घायल की ओर से मछली मारने के दौरान दूसरे पक्ष पर हमला किया गया था, इसके चलते सिर में चोट लगी थी। इस मामले की शिकायत सुराया चौकी पर की गई थी। जांच करने के लिए एका पुलिस आई तभी घायल छत पर चढ़ गया और नीचे कूद गया। इसके चलते उसे चोट लगी है। पुलिस पर पिटाई करने और छत से फेंकने के करने का आरोप गलत लगाया गया है, फिर भी मामले की जांच की जा रही है।