फिरोजाबाद के थाना बसई मोहम्मदपुर क्षेत्र के गांव अलादीपुरा में सोमवार को एक विवाहिता ने घरेलू कलह और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। 24 वर्षीय दयावती का शव कमरे में फंदे से लटका मिला। मृतका ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें तहेरे जेठ पर चरित्र हनन और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने तहेरे जेठ और उसके पिता पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव अलादीपुरा थाना बसई मोहम्मदपुर के संतचरण के साथ 5 साल पहले थाना नगला सिंघी के गांव चैना गढ़ी भीकनपुर रामरत्न की बेटी दयावती (24) की शादी हुई थी। शादी के बाद दयावती पर एक बेटा भी हुआ। पति मजदूरी करता है। पड़ोस में ही संतचरण के ताऊ मोहर सिंह का मकान है। इसमें मोहन सिंह का बेटा सोनू भी रहता है। बीते सोमवार की शाम करीब चार बजे दयावती अपने कमरे में गई और रोशनदान पर चुन्नी का फंदा लगाकर उस पर लटक गई।
जानकारी होते ही परिजन, पड़ोसी पहुंचे। सूचना पर इलाका पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका दयावती के पिता रामरत्न और भाई श्याम सिंह ने बताया कि उनको बेटी के पास से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें बेटी ने अपने तहेरे जेठ सोनू पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। सोनू के पिता मोहर सिंह भी बेटी की मौत के लिए जिम्मेदार हैं। थानाध्यक्ष कृष्णस्वरुप पाल ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी सोनू और उसके पिता मोहर सिंह के खिलाफ दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
12 दिन पहले आधी रात दयावती के घर में घुसा था तहेरा जेठ
मृतका के भाई श्याम सिंह ने बताया कि बहन पर उसका तहेरा जेठ, जो कि शादीशुदा है। वह गंदी निगाह रखता था। 12 दिन पहले वह आधी रात में बहन के घर में घुस गया था। उस वक्त उसे परिवार के लोगों ने पकड़ लिया था। इस पर उसने खुद पर भूत-प्रेत का साया होने के चलते आधी रात में उठकर चलने की बात कही थी। तब मामला सुलट गया था। इसके बाद से वह बहन के खिलाफ लोगों से आपत्तिजनक बातें करता था।
आखिरी खत में बस बेटे की फिक्र और इंसाफ की गुहार
दयावती ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि आज मेरी वजह से सब बुरे हैं, मुझ पर दाग लगा है। मैं इस दाग के साथ जी नहीं सकती। उसने अपनी मौत का जिम्मेदार जेठ को ठहराते हुए साफ लिखा कि इसने मुझे कहीं का नहीं छोड़ा, न घर का न बाहर का। सुसाइड नोट के आखिरी हिस्से में उसने लिखा... प्लीज, मेरे आर्यन को उसकी मम्मी की कमी महसूस मत होने देना। मां की मौत के बाद आर्यन भी बेसुध था।