एक जुलाई 2016 दिन शुक्रवार को सुहागनगरी के लोगों को आज भी याद है। इस दिन इंसानियत के दुश्मन, दहशतगर्दों ने मजहब का फर्क कर शहर की बेटी तारिषी जैन को ढाका के एक रेस्टोरेंट में मौत के घाट उतार दिया था। तारिषी उस समय कैलिफोर्निया में पढ़ाई कर रही थीं। तारिषी की मौत के बाद सुहागनगरी और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में घटना की निंदा की गई थी। पूरे देश में कैंडल मार्च निकाल श्रद्धांजलि दी गईं। बेटी को खोने का गम आज भी परिवार के सदस्यों को है।
तारिषी के पिता संजीव जैन मूल रूप से फिरोजाबाद के निवासी हैं। वह कई वर्षों से ढाका में गारमेंट का कारोबार कर रहे हैं। एक जुलाई 2016 को ढाका में एक कैफे पर आतंकी हमला हुआ था। इस दौरान सुहाग नगर निवासी संजीव जैन की बेटी तारिषी भी कैफे में अपने दोस्तों के साथ मौजूद थी। आतंकी हमले में तारिषी की मौत हो गई थी।
पूरा देश शोक में डूब गया था। एक जुलाई यानी शुक्रवार को तारिषी को इस दुनिया से विदा हुए पूरा एक साल हो गया है लेकिन तारिषी की यादें आज भी ताजा है। परिवार अभी भी सदमे से उबर नहीं पाया है। हादसे से आहत पिता संजीव जैन अब गुड़गांव में ज्यादा रहते हैं, सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही ढ़ाका जाते हैं। बर्कले यूनिवर्सिटी, कैलिफोर्निया में की छात्रा तारिषी मेधावियों में अपना स्थान रखती थी। इसलिए आज भी वहां के लोग याद रखते हैं। यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ई-मेल से तारिषी के परिवारिजनों के संपर्क करते रहते हैं।
तारिषी के ताऊ सुहाग नगर कालोनी निवासी राजीव जैन ने बताया कि तारिषी पढ़ाई में होशियार थी। मगर आज वो इस दुनिया में नहीं है। इसलिए अन्य मेधावी छात्रों को ‘लिव लाइफ लाइक तारिषी स्कालरशिप अवार्ड’ देने का निर्णय तारिषी के पिता संजीव जैन और मां तूलिका जैन ने लिया था। स्कालरशिप के करीब 1.30 लाख रुपये देने मां-पिता कैलीफोर्निया जाएंगे।