मैनपुरी जिला कारागार से अपर जिला जज चतुर्थ की कोर्ट में सोमवार को पेशी पर लाए गए तिहरे हत्याकांड के बंदी ने कटघरे में खुद को गोली मार ली। गोली पैर में लगने से हत्यारोपी घायल हो गया। उसे पुलिस ने जिला अस्पताल में कराया, जहां सैफई रेफर कर दिया गया।
वारदात से करीब पांच मिनट पहले ही अपर जिला जज अपने चैंबर में गए थे। लापरवाही पर एसपी ने चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वहीं हत्यारोपी ने औंछा क्षेत्र निवासी युवक पर जमीन की रंजिश के चलते गोली मारने का आरोप लगाया है।
करहल थाना क्षेत्र के गांव जलालपुर निवासी मनीष यादव (32) पुत्र सुखराम यादव ने नौ अक्तूबर 2012 को जमीन के विवाद में पिता सुखराम यादव, सौतेली मां सुषमा देवी और सौतेले भाई अभिषेक यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
2012 से जेल में बंद है आरोपी
आरोपी से पूछताछ करते एसपी
- फोटो : अमर उजाला
इस मामले में मनीष यादव के अलावा कल्लू, कमलेश पुत्र तिलक सिंह निवासी गांव आलमपुर भरथना इटावा और वीरेंद्र पुत्र तिलक सिंह निवासी गांव नगला वंशी बकेवर इटावा के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने मनीष को 15 अक्तूबर 2012 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद अन्य आरोपी भी जेल भेजे गए थे। तभी से वो जिला कारागार में निरुद्ध चल रहा है।
सोमवार को मनीष यादव को जिला कारागार से पेशी पर लाया गया था। दोपहर करीब 3:20 बजे अपर जिला जज चतुर्थ तरुण कुमार सिंह की अदालत में अचानक गोली चली। कटघरे में खड़ा मनीष गोली लगने से घायल हो गया। गोली मनीष के बाएं पैर में लगी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उसे सैफई अस्पताल रेफर कर दिया।
एडीजीसी अनूप कुमार यादव ने बताया कि वारदात से करीब पांच मिनट पहले ही जज तरुण कुमार सिंह विश्राम कक्ष में एक मुकदमे में निर्णय लिखाने के लिए चले गए थे। वहीं पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ है कि मनीष ने ही खुद को गोली मारी है।
इंस्पेक्टर समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित
घटना के बाद कोर्ट परिसर में भीड़
- फोटो : अमर उजाला
वारदात के बाद एसपी अजय कुमार पांडेय और एएसपी ओमप्रकाश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने जांच की। पुलिस इस बात की जानकारी जुटा रही थी कि बंदी के पास तमंचा कहां से आया। पुलिस पूछताछ में बंदी मनीष यादव ने थाना औंछा क्षेत्र के गांव खिरिया निवासी युवक पर गोली मारने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मौके से तमंचा बरामद किया है।
एसपी अजय कुमार पांडेय ने बताया कि तिहरे हत्याकांड का आरोपी पेशी पर लाया गया था। जांच में पता चला है कि उसने खुद को गोली मारी है। तमंचा उसके पास कैसे पहुंचा यह जांच का विषय है। जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
शुरुआती जांच के बाद हवालात प्रभारी इंस्पेक्टर विजय कुमार गौतम, पेशी पर ले जाने वाले सिपाही प्रदीप राजा के अलावा दीवानी में ड्यूटी पर तैनात सिपाही सत्यवीर सिंह और दिलीप कुमार को निलंबित किया गया है। जांच के बाद अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।