आगरा के ईदगाह स्थित ढाबे पर 18 दिसंबर की रात मथुरा के बदमाशों ने फायरिंग की थी। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उनका खाना देने के लिए ढाबा संचालक से विवाद हुआ था। आरोपी के चार साथी फरार हैं। गिरोह जमीनों पर कब्जे कराने का काम करता है।
ईदगाह बस स्टैंड के पास शाहगंज निवासी जीतू का ढाबा है। रात करीब 2:30 बजे कार से कुछ लोग ढाबा पर आए थे। ढाबा बंद हो चुका था। संचालक के खाना देने से मना करने पर युवकों ने विवाद किया। संचालक की पिटाई की। विरोध पर फायरिंग भी की। गोली लगने से संचालक गोली घायल हो गया था। सीसीटीवी फुटेज में कार का नंबर मिला। उसी आधार पर पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी थी।
एसीपी सदर विनायक भोसले ने बताया कि कैंट चौराहे के पास एक आरोपी को बृहस्पतिवार रात गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम बबलू जाट बताया। वह मथुरा के थाना जैत क्षेत्र स्थित नगला मोरे का है। उसने बताया कि वह अपने साथी मथुरा के कोसीकलां निवासी सचिन उर्फ सच्चो, वृंदावन निवासी मुकेश सैनी उर्फ मुकेश माफिया, अभय यादव और कोसीकलां के नरेंद्र उर्फ नंदू के साथ था। भूख लगने की वजह से ढाबा पर रुके थे। वह बंद होने वाला था, बंद नहीं हुआ था। संचालक के गलत बर्ताव करने से विवाद हुआ।
कार में लेकर चलते हैं हथियार
एसीपी ने बताया कि आरोपी के साथियों का आपराधिक इतिहास है। वह जमीनों पर कब्जे कराने का काम करते हैं। कार में हथियार लेकर चलते हैं। बबलू ने ही तमंचे से फायर किया था। उससे तमंचा, दो कारतूस और कार बरामद की गई है। फरार लोगों के लिए टीम लगाई गई है।