कासगंज पटियाली के नगला खिमाई में मकान के छप्पर में लगी आग से जला सामान
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कासगंज। जिले के अलग-अलग गांव में मंगलवार को हुए अग्निकांड की घटनाओं के पीड़ितों को मुआवजे के लिए नए वित्तीय वर्ष में बजट का इंतजार करना होगा। वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन होने के कारण मुआवजे की पत्रावली को स्वीकृति नहीं मिल पाई। अब प्रशासन ने जल्द ही मुआवजा देने का भरोसा दिया है।
गांव नगला रानीडामर, पहलोई, मल्लाह नगर, नमैनी, मंडनपुर, नगला खिमाई में अग्रिकांड की घटनाएं हुईं। 43 झोंपड़ियां जलीं। लगभग 50 बीघा से अधिक गेहूं की फसल अलग-अलग गांव में जली। राजस्व विभाग की टीमें क्षति आकलन के लिए दिनभर अग्निकांड प्रभावित गांव में दौड़ती रहीं। लाखों रुपये के मुआवजे की पत्रावलियां तैयार हुईं लेकिन अग्निकांड पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिल पाया।