चल रहा था मरम्मत कार्य, सेंट्रल आक्सीजन सिस्टम लगाने वाली कंपनी के उपकरण जले
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एसएन मेडिकल कालेज की फार्मेसी विभाग की लैब में दोपहर लगभग एक बजे आग लग गई। धुआं उठने से परिसर में हड़कंप मच गया। तत्काल फायर बिग्रेड विभाग को सूचित किया गया। एहतियातन मौके पर तीन दमकल पहुंची, लेकिन एक ही दमकल ने करीब आधा घंटे में आग पर काबू पा लिया। शुक्र है कि इसमें पिछले कई दिनों से मरम्मत कार्य चल रहा था, जिस कारण इसे खाली कर लिया गया था। इसके चलते यहां शोधार्थी नहीं थे। लेकिन इसमें बाल रोग विभाग में सेंट्रल आक्सीजन सिस्टम लगाने वाली निजी कंपनी के उपकरण रखे थे, इसमें लैब की कुछ कुर्सी, टेबल और अलमारी भी रखी थी, जो जल गए हैं। कंपनी ने यहां गोदाम बना रखा था। कंपनी के इंजीनियर निरपेंद्र पाठक ने बताया कि इसमें करीब 25-30 लाख का सामान था। प्राचार्य डा. एसके गर्ग ने बताया कि लैब की इमारत जर्जर हो चुकी थी, इसमें मरम्मत कार्य चल रहा था। इसमें विभाग का कोई सामान नहीं था।
पहले भी लग चुकी है आग
पहले भी इस लैब में आग लग चुकी है। आग उग्र रूप धारण नहीं कर सकी थी। दमकल पहुंची थी, और चंद मिनट में ही आग बुझा दी गई थी।
कैसे लगी आग, होगी जांच
इमारत में बिजली की लाइन कटी हुई थी, फिर आग कैसे लगी, एसएन प्रशासन इसकी जांच कराएगा। फायर बिग्रेड विभाग के अधिकारी मानते हैं कि उपकरणों में आग काफी देर से सुलग रही थी, जिसने बाद में आग पकड़ ली।
बड़ा हादसा हुआ तो कैसे निपटेंगे
एसएन की अधिकांश इमारतें पुरानी हैं, इसमें अग्निशमन नियंत्रण उपकरण नहीं है। सात मंजिला इमारत, घड़ी वाली बिल्डिंग, स्त्री रोग, नेत्र रोग जैसे तमाम विभाग हैं। बीते दिनों चिकित्सा राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह ने निरीक्षण में इस समस्या से निपटने के लिए प्राथमिक इंतजाम करने की बात कही थी।
बाजार में भी मचा हड़कंप
फार्मेसी विभाग के पिछले हिस्से से फव्वारा बाजार सटा हुआ है। इसमें कपड़े, दवा एवं अन्य की दुकानें हैं। धुआं उठते ही दुकानदार घबरा गए। कुछेक ने अपना सामान ही निकालना शुरू कर दिया। दमकल के आने के बाद आग बुझी, तब जाकर दुकानदारों ने राहत की सांस ली।