- एसपी कार्यालय पर दिया शिकायती पत्र, कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला है पीड़ित
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। शहर के मोहल्ला छपट्टी के रहने वाले युवक ने अधिवक्ता पर 17 लाख रुपये धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। कहा कि बातों में फंसा कर कभी नौकरी तो कभी अन्य काम कराने के नाम पर रुपये लिए हैं। एसपी कार्यालय से शिकायती पत्र को जांच के लिए भेजा गया है।
कोतवाली क्षेत्र के दक्षिणी छपट्टी निवासी मोहित प्रताप ने बताया कि पिता पुलिस विभाग में आरक्षी के पद पर थे, उनकी मृत्यु के बाद बड़े भाई को नौकरी मिल गई और वर्तमान में वह दरोगा के पद पर तैनात हैं। बेटे को पेंशन मिल रही है। वर्ष 2023 में उनके मोहल्ले के रहने वाले एक व्यक्ति ने उनकी मुलाकात एक अधिवक्ता से कराई। कहा कि यह अधिवक्ता तुमको फंड का रुपया दिलवा देंगे। 40 हजार रुपये में वाद दायर करने व अधिवक्ता की फीस आदि का तय हुआ था। उनसे 20 हजार रुपये लेने के बाद वाद दायर कर दिया, कहा कि जब तक केस चलेगा। तुम घर पर नहीं जाओगे। इसके बाद से वह अधिवक्ता के घर पर ही रहने लगा और प्रति माह 10 हजार रुपये देने लगा। इस बीच अधिवक्ता ने कहा कि आने जाने के लिए गाड़ी ले लो, अपनी पेंशन पर लोन निकाल लो।
इसके बाद बातों में फंसा कर एक बैंक में खाता खुलवाया और 87 हजार रुपये डाउन पेमेंट कर गाड़ी ले ली, अधिवक्ता ने गाड़ी अपने पुत्र के नाम करा दी। जब विरोध किया तो कहा कि अगर ये बात तुम्हारे भाई को पता लग गई तो दिक्कत हो जाएगी। इसलिए गाड़ी बेटे के नाम ली है। उससे कहा कि तुम अपनी जमीन बेच दो, जो भी रुपया आएगा। उससे तुम्हारी सरकारी नौकरी लगवा दूंगा। जब मना किया तो कहा कि तुम्हें जमीन वापस मिल जाएगी। नौकरी लगने के बाद जमीन वापसी बैनामा करा लेना। इस तरह उनकी जमीन भी बिकवा दी। इस तरह से अधिवक्ता व अन्य ने 17 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। धोखाधड़ी का विरोध करते हुए जब रुपये व कार वापस करने को कहा तो आरोपी ने उसकी पिटाई की, जान से मार डालने की धमकी दी। शिकायत को एसपी कार्यालय से कोतवाली पुलिस को जांच के लिए भेजा गया है।