इधर, क्षेत्रीय लोगों ने गोदाम के बाहर लगे शटर को तोड़ दिया। शटर टूटते ही आग की लपटें सड़क तक आने लगी। दमकल टीम के पहुंचने के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। आग विकराल थी। इसे देखते हुए शिकोहाबाद, सिरसागंज और टूंडला से भी दमकल टीमों को बुला लिया गया। आग पर काबू पाने के लिए गोदाम की छत को तीन जगह से तोड़ भी दिया गया। तब कहीं जाकर सुबह दस बजे तक आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका।
पानी के लिए हांफती रहीं दमकल टीमें
आग पर काबू पाने के लिए दमकल टीमों को पानी नहीं मिल सका। चूंकि अग्निशमन विभाग के परिसर में लगा नलकूप पिछले दस दिनों से खराब है। फायर स्टेशन पर पानी की सुविधा न होने के कारण दमकलों को औद्योगिक क्षेत्र जाकर एक फैक्टरी से पानी भरकर लाना पड़ रहा था। जिससे आग पर बुझाने में दिक्कत हो रही थी। वहीं दमकल टीमें पानी के लिए हांफती दिखीं।
फायर स्टेशन प्रभारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि रात दो बजे से सुबह छह बजे तक कंट्रोल रूम में सिपाही विवेक और प्रदीप की ड्यूटी थी। टेंट गोदाम में आग की सूचना से संबंधित कोई फोन नहीं आया। चार बजकर 16 मिनट पर दो युवक बाइक से सूचना देने फायर स्टेशन आए थे। तब गाड़ी को मौके पर भेजने के साथ ही खुद भी मौके पर पहुंचे थे। आग की वजह शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रही है। करीब 17 लाख रुपये नुकसान आंका गया है।
करीब एक घंटे दहशत में रहे पड़ोसी
करीब साढ़े तीन बजे गोदाम में आग लगने की जानकारी गोदाम के आसपास रहने वाले लोगों को हो गई थी। इस बीच आग बढ़ने के साथ ही गोदाम के समीप रहने वाले लोगों की परेशानियां भी बढ़ती जा रही थी। आग की विकरालता को देखते हुए उनको इस बात का डर सता रहा था कि समय से दमकल नहीं आई तो कहीं उनके घरों को भी आग अपनी चपेट में न ले ले।
एसपी सिटी मुकेश चंद्र मिश्र ने बताया कि सूचना पर पीआरवी मौके पर पहुंची थी। फायर विभाग को भी कॉल किया गया था। इस बीच बाइक से फायर विभाग पहुंचे दो युवकों ने आग की जानकारी फायर विभाग के अधिकारियों को दे दी थी।