आगरा में हाईवे पर जवाहर नगर (भगवान टाकीज) स्थित वाहन शोरूम की तीसरी मंजिल की छत पर बने स्टोर में बुधवार रात को भीषण आग लग गई। लपटें उठने पर कालोनी के लोगों ने शोर मचाया। इस पर कर्मचारी आ गए। धुआं बराबर में स्थित हेरिटेज हास्पिटल में भरने से मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। सूचना पर 4 दमकल पहुंच गईं। एक टीम ने आग बुझाने के प्रयास किए, जबकि दूसरी टीम ने मरीजों को निकाला। 4 मरीज आईसीयू और 3 मरीज निजी वार्ड में थे। उन्हें आक्सीजन लगाने के बाद सुरक्षित निकाल लिया गया। इनमें एक 7 महीने की बच्ची भी थी। तकरीबन एक घंटे में आग पर काबू पाया जा सका। आग लगने का कारण पता किया जा रहा था।
घटना रात तकरीबन 9 बजे की है। हाईवे से सटी जवाहर नगर कालोनी में एक वाहन कंपनी का शोरूम और हेरिटेल हास्पिटल संचालित हो रहे हैं। भवन तीन मंजिला है। इसकी तीसरी मंजिल पर स्टोर बना हुआ है। इसमें कबाड़ सामान रखा हुआ था। रात में शोरूम बंद हो चुका था। बराबर में हास्पिटल में पहली मंजिल पर आईसीयू, दूसरी पर जनरल और तीसरी पर निजी वार्ड है। स्टोर से ही कालोनी के लोगों ने लपटें निकलती देखीं। इस पर शोर मचा दिया। उधर, लिफ्ट की डक्ट से धुआं हास्पिटल के अंदर तक आ गया। आईसीयू में मरीजों को दिक्कत होने लगी। यह देखकर हास्पिटल में अफरातफरी मच गई। मरीज और उनके तीमारदार भागने लगे।
सूचना पर दस मिनट बाद ही संजय प्लेस फायर स्टेशन से दो दमकल आ गईं। बाद में ईदगाह स्टेशन से भी दमकलों को बुला लिया गया। एफएसओ संजय प्लेस ने बताया कि उन्होंने दो टीमों को बनाया। एक टीम शोरूम के कर्मचारियों की मदद से आग बुझाने में लग गई जबकि दूसरी टीम उनके साथ हास्पिटल में भर्ती मरीजों को निकालने में जुट गई। तकरीबन 35 मरीजों के साथ अन्य लोगों को बाहर निकाला गया। तकरीबन एक घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका।
आक्सीजन लगाकर आईसीयू और निजी वार्ड से निकाले गए 7 मरीज
सीएफओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि स्टोर सामान रखा हुआ था। इसमें ही आग लगी थी। आशंका है कि शार्ट सर्किट हुआ होगा। इससे आग लग गई। हालांकि अभी जांच की जाएगी। दूसरा कारण पटाखे भी हो सकते हैं। उधर, हास्पिटल में आईसीयू में अधिक धुआं भर गया था। इसमें उस समय 4 मरीज भर्ती थे। इनमें एक सात महीने की बच्ची भी थी। तीन प्राइवेट वार्ड में थे। इनको सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। हास्पिटल कर्मियों ने मरीजों को आक्सीजन लगाई। इसके बाद उन्हें अग्निशमन विभाग की टीम के साथ सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके अलावा भी जनरल वार्ड में भर्ती तकरीबन 25 से 30 मरीजों और उनके तीमारदारों को निकाला गया।
हाईवे से निकल रहे लोग जुट गए, मरीजों को निकालने में की मदद हास्पिटल में धुआं भरने के बाद अफरातफरी मच गई। तीमारदारों अपने मरीजों को बाहर निकालने लगे। हाईवे से भी वाहन निकल रहे थे। लोग भी रुक गए। हास्पिटल में आकर लोगों को निकालने में मदद करने लगे। कालोनी के लोग भी आ गए। सीएफओ ने बताया कि बिल्डिंग में फायर सिस्टम लगा हुआ था। यह काम कर रहा था। इससे आग बुझाने में आसानी हुई। आग को समय रहते काबू कर लिया गया। नहीं तो यह नीचे की मंजिलों पर भी फैल सकती थी। आग बुझाने के बाद मरीजों को फिर से हास्पिटल में भर्ती कर दिया गया।
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