आगरा। बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने सख्ती शुरू कर दी है। निगम ने चेतावनी दी है कि शहर में कहीं भी कूड़ा जलाने की घटना सामने आई या निर्माण कार्यों के दौरान एनजीटी के मानकों का उल्लंघन होता मिला तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने बताया कि रोक के बावजूद कुछ स्थानों पर कचरा जलाने की शिकायतें मिल रही हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी एसएफआई और जेडएसओ को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। प्रदूषण बढ़ने से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) भी लागू हो चुका है। मेट्रो रेल कारपोरेशन को निर्माण स्थलों पर खोदाई के दौरान वायु प्रदूषण रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए पत्र लिखा गया है। उनसे कहा है कि ग्रीन नेट, पानी का छिड़काव और मलबे के ढेर को ढकने जैसे उपाय करें। नगर निगम ने शहर की सड़कों पर सुबह 8 से रात 8 बजे तक पानी का छिड़काव करने के लिए 35 से ज्यादा वाहनों को उतार दिया है।
सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपनी-अपनी क्षेत्रीय टीमें सक्रिय रखें और छिड़काव की दैनिक मॉनिटरिंग करें। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि कूड़ा जलाने, निर्माण कार्यों में लापरवाही और धूल उड़ाने वाले सभी लोगों पर सख्ती की जाएगी।