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CoronaVirus: आगरा के पारस अस्पताल के संचालक और प्रबंधक पर संक्रमण फैलाने का मुकदमा

Sat, 18 Apr 2020 09:08 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

मरीज और स्टाफ मिलाकर पहले 53, फिर 73 बताए, जबकि शिफ्ट करने पर 220 निकले
 
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पारस अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के भगवान टॉकीज स्थित पारस अस्पताल के संचालक डॉ. अरिंजय जैन और प्रबंधक एसपी यादव के खिलाफ न्यू आगरा थाना पुलिस ने संक्रमण फैलाने का केस दर्ज किया है। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि इस मामले में अस्पताल के अन्य स्टाफ की भूमिका के बारे में भी जांच की जा रही है। 
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आरोप है कि अस्पताल में संक्रमण फैल जाने के बावजूद भर्ती मरीजों और स्टाफ के सदस्यों की गलत जानकारी देकर प्रशासन को गुमराह किया गया। स्टाफ और मरीजों की संख्या 220 थी, जबकि संचालक और प्रबंधक ने पहले 53 और फिर 73 बताई। पुलिस ने चार धाराएं लगाई हैं।

अस्पताल में संक्रमण फैलने की जानकारी दो अप्रैल को तब हो गई थी जब यहां 10 दिन भर्ती रही मंटोला की महिला मरीज को मथुरा के नयति अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव पाया गया। उसी समय पारस अस्पताल में भर्ती मरीजों, स्टाफ के सदस्यों को क्वारंटीन कर उनके टेस्ट लिए जाने चाहिए थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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प्रशासन को नहीं दी थी सही जानकारी

दीवानी कचहरी चौकी प्रभारी योगेंद्र कुमार की ओर से दर्ज एफआईआर में बताया गया है कि मरीजों और स्टाफ के सदस्यों की सही जानकारी न देने से संक्रमण इतना फैला कि आसपास के जिलों तक पहुंच गया। 

मुकदमे में गलत जानकारी देने, लापरवाही बरतकर संक्रमण फैलाने की चार धाराएं (188, 269, 270, 271) लगाई गई हैं। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि यह गंभीर प्रकरण है। इसकी विवेचना शुरू करा दी गई है। एक-एक तथ्य जुटाया जा रहा है। हॉस्पिटल का रिकार्ड अपने आप में एक साक्ष्य है।

दो साल की सजा का प्रावधान 

जिला शासकीय अधिवक्ता (अपराध) वसंत गुप्ता ने बताया कि धारा 188 निषेधाज्ञा की शर्तों के उल्लंघन की है। अन्य तीनों धाराएं 269, 270 और 271 लापरवाही से महामारी का संक्रमण फैलाने की हैं। चारों धाराओं में दोष सिद्ध होने पर दो-दो साल की सजा का प्रावधान है। यह जमानती धाराएं हैं। 
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'बढ़ सकते हैं आरोपी, जांच से तय होंगे नाम'

एसएसपी बबलू  कुमार का कहना है कि पारस हॉस्पिटल के मामले में अभी दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। विवेचना में देखा जाएगा कि संक्रमण के फैलने में किस किसकी लापरवाही रही? इससे आरोपियों की संख्या बढ़ गई है। हॉस्पिटल के डॉक्टरों, पैरा मेडिकल स्टाफ और अन्य लोगों की भूमिका के बारे में भी जांच की जाएगी। 

आईएमए ने की केस वापसी की मांग 

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) आगरा ने डीएम को पत्र देकर पारस हॉस्पिटल के खिलाफ दर्ज केस को वापस लिए जाने की मांग की है। संस्था के अध्यक्ष आरएम पचौरी का कहना है कि पारस हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अरिंजय जैन ने संक्रमित मरीजों और उनके संपर्को का पता लगाने में प्रशासन का सहयोग किया है। 
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