डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलसचिव केएन सिंह को मार्कशीट की गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार दोनों एजेंसियों के खिलाफ एक हफ्ते में रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश विधानसभा की आश्वासन समिति ने गुरुवार को दिए। ऐसा न होने पर खुद के खिलाफ एफआईआर के लिए तैयार रहने को कहा। बीएड के मामलों के निस्तारण के लिए हेल्प डेस्क बनाने को कहा।
बुधवार को समिति ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों से पूछा था कि आनलाइन रिजल्ट में फर्जीवाड़े, मार्कशीट के आवेदन डस्टबिन में फेंके जाने, फर्जी मार्कशीट बेचे जाने, मार्कशीट सत्यापन में उगाही करने की शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई। इस पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने थाना हरीपर्वत में एफआईआर कराए जाने की जानकारी दी थी। हरीपर्वत के इंस्पेक्टर ने एक भी मुकदमा दर्ज न होने की बात कही थी। इस पर समिति ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों से एफआईआर कराने के प्रमाण मांगे थे।
गुरुवार को सर्किट हाउस में कुलसचिव ने समिति के समक्ष सात पत्र प्रस्तुत किए। इसमें तीन रजिस्टर्ड डाक से भेजे गए थे। किसी के खिलाफ एफआईआर नहीं होने पर समिति संयोजक विधायक मनीष असीजा ने नाराजगी जताई। उन्होंने गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार शुभा टेक और माइंड लाजिक एजेंसियों के खिलाफ एफआईआर कराने को कहा। प्रभारी जिलाधिकारी नगेंद्र प्रताप ने भी कहा कि एफआईआर दर्ज कराने के नाम पर विश्वविद्यालय की ओर से महज खानापूर्ति की गई। यदि एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही थी तो उच्च अधिकारियों से बात करनी चाहिए थी। इस दौरान विधायक जगन प्रसाद गर्ग भी मौजूद रहे।
तय की समस्या निस्तारण की डेडलाइन
बीएड के मामलों के लिए अलग से हेल्प डेस्क बनाई जाए। शिकायत लेकर आने वाले विद्यार्थियों को टोकन नंबर दिया जाए। निर्धारित समय पर समस्या का निस्तारण किया जाए। 2013 से 15 तक की समस्याओं को समाधान एक माह में कर दिया जाए। वर्ष 2013, 2014, 2015 की मार्कशीट-डिग्री एक माह में वितरित कर दी जाए।