इसमें आरोप लगाया गया कि षड्यंत्र के तहत छावनी परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निराधार एवं झूठे आरोप लगाया गया। इससे लोगों में छवि धूमिल की गई है। मुकदमे में मानहानि, धोखाधड़ी, षड्यंत्र और आईटी एक्ट की धारा लगी है।
मामले में सभी वीडियो और पोस्ट भी पुलिस को उपलब्ध कराई गई हैं। थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार दहिया का कहना है कि जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना की जा रही है। इसमें जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
छवि धूमिल की गई, इसलिए रिपोर्ट की
छावनी के अधिशासी अधिकारी माधवेंद्र सिंह ने कहा कि ट्विटर हैंडल पर कैंट बोर्ड और सीईओ पर भ्रष्टाचार करने की बाबत टिप्पणी की गई थी। वीडियो भी अपलोड किया गया था। जिसमें ठेके के सफाई कर्मियों की बातचीत है, जोकि भर्ती के लिए पैसे के लेनदेन आदि की बातें कर रहे हैं। इससे बोर्ड की छवि धूमिल हुई। इस कारण मुकदमा दर्ज कराया गया।