कासगंज। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा मिलावट एवं अवैध रूप से खाद्य पदार्थों की बिक्री करने पर दर्ज कराए गए वाद के मामले में जनवरी माह में कोर्ट ने 3.05 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट की कारवाई से खलबली मच गई है।
विभाग के द्वारा खाद्य पदार्थ विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों की जांच के बाद नमूने फैल होने या अन्य गड़बड़ियां मिलने एवं बिना पंजीकरण के कारोबार करते पाए जाने के बाद कोर्ट में वाद दायर कराए। इन्हीं मामलों में जनवरी में 11 कारोबारियों के खिलाफ कोर्ट ने फैसला सुनाया।
कोर्ट ने हुल्का मुहल्ला के रतन लाल की लाल बूंदी के गुणवत्ता परक न मिलने पर 20 हजार रुपये, गंजडुंडवारा के मोहल्ला इमाम बख्स के शमशुल हसन की कचरी के गुणवत्ता परक न मिलने एवं पैकिंग रैपर नियमानुसार न मिलने पर 55 हजार रुपये, गंजडुंडवारा के मोहल्ला सुदामापुरी के अभिषेक गुुप्ता के पानी के पैकिंग के रैपर नियमानुसार न मिलने पर 20 हजार रुपये, कासगंज के माधौपुरी के संजय गुप्ता के वफर्स पर पैकिंग के रैपर नियमानुसार न मिलने पर 70 हजार रुपये, स्टेट बैंक कॉलोनी के मोहन अग्रवाल के बेसन के गुणवत्ता परक न मिलने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
बिना पंजीकरण के कारोबार करने पर अमांपुर के करसाना के अकरम, बिलराम गेट बिजली घर के सामने के अंसार हुसैन, बिलराम गेट के रजनीश, होडलपुर सोरों के महीपाल, एटा रोड के कमलेश, सरायपट्टी सिढ़पुरा के राहुल पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अभिहित अधिकारी नादिर अली ने कहा कि बिना पंजीकरण या लाइसेंस के खाद्य पदार्थ की बिक्री करना या मिलावट करना कानूनन अपराध है। विभाग के द्वारा ऐसे विक्रेताओं के खिलाफ कार्यवाही की जाती है। कोर्ट में दायर कराए गए वादों के मामले में जनवरी माह में 11 कारोबारियों के खिलाफ अपना फैसला देते हुए जुर्माने की कार्यवाही की गई है।