आगरा के रोडवेज में फर्जी टिकट गिरोह में 50 से ज्यादा कर्मचारी शामिल हैं। एसटीएफ ने इन कर्मियों को चिह्नित कर लिया है। इनकी नामजदगी और गिरफ्तारी के सुबूत जुटाए जा रहे हैं। जल्द ही सभी पर शिकंजा कसा जा सकता है।
रोडवेज में फर्जी टिकट गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था। पुलिस ने कई कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था। इसमें सामने आया कि कर्मचारी सुबह चार से आठ बजे तक बसों को चलाते थे। इस दौरान ही कमाई कर लेते थे। इसमें यात्रियों को टिकट न देकर विभाग को रोजाना पांच लाख का चूना लगाया जा रहा था। यह खेल तकरीबन दस साल से चल रहा था। बसें आगरा, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, सादाबाद आदि रूट पर चलती थीं।
गिरोह में बाउंसर भी
इस गिरोह में बसों के चालक, परिचालक सहित कई कर्मचारी शामिल थे। यह कर्मचारी बसों में अपने बचाव के लिए बाउंसरों को भी रखते थे। प्रत्येक बस में तीन से चार बाउंसर रहते थे। इस लिहाज से गिरोह में 200 से 250 लोग शामिल थे। बाकी के नामों के लिए भी एसटीएफ प्रयासरत है।
सरगना अभी भी फरार
एसटीएफ के मुताबिक, गिरोह का मुख्य सरगना अशोक निवासी अलीगढ़ है। उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। वह फरार है। उसकी गिरफ्तारी से कई लोगों के नाम सामने आएंगे। वही सभी अधिकारियों से अपनी सेटिंग रखता था। उसके संबंध किन किन लोगों से थे, यह पता चलेगा।