गोशाला संचालक बाबा बल्लभदास ने रोते हुए बताया कि गायें मरी हैं। यहां गोशाला की देखरेख गांव के भोला, महेंद्र व गिर्राज कर रहे हैं। गाय कैसे मरीं, उन्हें अधिक जानकारी नहीं है, क्योंकि उन्हें आंखों से भी कम दिखाई देता है।
गायों का इस तरह मरना आसपास के गांवों में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि जब इतनी संख्या में गाय मरी थीं तो उनका पोस्टमार्टम भी कराना चाहिए था, लेकिन चोरी छिपे गायों को दफना दिया गया।
पोस्टमार्टम कराने की मांग
गांव के लोगों ने एसडीएम से संदिग्ध हालात में मरी गायों को जमीन से निकलवा कर पोस्टमार्टम कराने की मांग की है, ताकि उनके मरने की सही जानकारी हो सके। लोगों का कहना है कि गोशाला में दानदाताओं द्वारा भरपूर दान दिया जाता है फिर गाय भूखी कैसे रह रही हैं।