ओवरफ्लो हुए धौलपुर के पार्वती (आंगई) बांध के 10 गेट खोल कर शनिवार को 11 हजार क्यूसेक पानी उटंगन नदी में छोड़ा गया है। इससे तोड़ा गांव के पुल (रपट) के 7 फीट ऊपर से नदी बहने लगी है। तोड़ा के प्रधान नेमी चंद ने बताया कि पुल की रेलिंग तक डूब गई है। पुल डूबने से सेहा, तोड़ा, सीयपुरा, शाहपुर खालसा गांव का फतेहाबाद तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है। कछार के खेतों की फसल नष्ट होने से किसान चिंतित हैं।
प्रधान व ग्रामीणों ने बताया कि जलस्तर और बढ़ा तो उटंगन का पानी गांव तक पहुंच जाएगा। उफान की तेज रफ्तार से तराई के गांवों के लोग सहमे हैं। उटंगन का जलस्तर बढ़ने से तोड़ा, सेहा, अरनोटा, गुरावली, सेरब, सबोरा, बीधापुरा, बसई अरेला, बसई भदौरिया, कांकरखेड़ा, मानिकपुरा, पिढौरा, कौंध, रीठई गांव प्रभावित हुए हैं। बाह-फतेहाबाद की सीमा पर बने पुल के करीब तक उफान का पानी पहुंच गया है।
बता दें कि पिढौरा में उटंगन नदी रीठई के पास यमुना नदी में मिलती है। दोनों नदियों के संगम स्थल पर उटंगन के उफान का प्रभाव दिखने लगा है। उटंगन के उफान से बाह क्षेत्र के रामपुर चंद्रसैनी, बिठौली, कल्यानपुर, भरतार, भौंर, स्याइच, टोका, कलींजर, बटेश्वर, बड़ापुरा, सिधावली तक यमुना नदी का जलस्तर एक फीट के करीब बढ़ा है। बाह के एसडीएम हेमंत कुमार ने बताया कि उटंगन नदी में जलस्तर बढ़ा है। तटवर्तीय ग्रामीणों को नदी किनारे न जाने के लिए अलर्ट किया गया है।
चंबल नदी में उफान जारी, 122.60 मीटर हुआ जलस्तर
राजस्थान में लगातार हो रही बारिश की बजह से बाह में चंबल नदी उफान पर है। शनिवार को चंबल नदी का जलस्तर 117 मीटर से बढ़ कर 121 मीटर हो गया था। दूसरे दिन रविवार को भी उफान जारी रहा और नदी का जलस्तर 122.60 मीटर पर पहुंच गया। बाह में चेतावनी का निशान 127 मीटर पर एवं खतरे का निशान 130 मीटर पर है। चेतावनी के निशान की ओर चढ़ रही चंबल नदी के कैंजरा और पिनाहट घाट पर प्रशासन ने मोटरबोट का संचालन बंद करा दिया है।
तटवर्तीय 38 गांवों में मुनादी करा कर चंबल नदी क्षेत्र में न जाने की चेतावनी जारी की है। रविवार को उफान प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद बाह के एसडीएम हेमंत कुमार ने बताया कि बचाव और राहत के लिए 8 बाढ़ चौकियां मंसुखपुरा, पिनाहट, उमरैठा, बासौनी, सिमराई, पुरा भगवान, खेडा राठौर, नंदगवां में बनाई हैं। लेखपालों को गांवों में सतर्क रहने को कहा गया है। नदी के जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने लिया अमर उजाला की खबरों का संज्ञान, दौड़ा प्रशासनिक अमला
उटंगन और चंबल नदी में आए उफान पर अमर उजाला तटवर्तीय ग्रामीणों की वेदना और दर्द को प्रमुखता से प्रकाशित कर कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमर उजाला की खबरों का संज्ञान लिया है। उन्होंने उटंगन का पुल डूबा, तोड़ा गांव का संपर्क टूटा, थमी चंबल, फसलें डूबने से किसान परेशान खबरों के स्क्रीनशॉट के साथ उफान से उत्पन्न समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान खींचा है।
सीएम के संज्ञान के साथ ही बाह के एसडीएम हेमंत कुमार रविवार को उमरैठापुरा गांव पहुंचे। चंबल के उफान का पानी सबसे पहले उमरैठापुरा गांव की गलियाें और घरों में घुसता है। उन्होंने ग्रामीणों से उफान के हालात की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि 3 साल पहले चंबल नदी का जलस्तर 137.60 मीटर तक पहुंच गया था। गांव के स्कूल, घर और गलियां जलमग्न हो गई थीं। एसडीएम फतेहाबाद ने बताया कि बाढ़ की खबर को मुख्यमंत्री ने संज्ञान में लेते हुए प्रभावितों को हर संभव मदद के निर्देश जारी किए हैं। उटंगन और चंबल नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। उटंगन में आबादी क्षेत्र प्रभावित नहीं होता है। चंबल में अभी बाढ़ के खतरे की कोई स्थिति नहीं है।